नई दिल्ली/मुंबई |भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों ‘पीली धातु’ की तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और डॉलर इंडेक्स में आ रही मजबूती के बावजूद, घरेलू बाजार में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। आज, 10 अप्रैल 2026 को बाजार खुलने के साथ ही सोने की कीमतों में स्थिरता देखी गई, जबकि चांदी ने मामूली बढ़त के साथ निवेशकों को चौंका दिया है।
एक अनुभवी मार्केट जर्नलिस्ट के रूप में, मैंने आज के आंकड़ों का विश्लेषण किया है, जो उन परिवारों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं जिनके घर में आने वाले महीनों में शादियां हैं।
आज के ताजा भाव: एक नजर में
आज भारतीय बाजार में शुद्धता के आधार पर सोने-चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं:
| धातु | शुद्धता | आज का भाव (₹) | कल का भाव (₹) | बदलाव |
| सोना (Gold) | 24 कैरेट (99.9%) | ₹1,51,200 | ₹1,51,000 | + ₹200 |
| सोना (Gold) | 22 कैरेट (91.6%) | ₹1,38,600 | ₹1,38,400 | + ₹200 |
| चांदी (Silver) | प्रति 1 किलोग्राम | ₹1,12,500 | ₹1,11,800 | + ₹700 |
(नोट: ऊपर दिए गए भावों में GST, टीसीएस और मेकिंग चार्जेस शामिल नहीं हैं।)
क्यों नहीं गिर रहे दाम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों के ₹1.51 लाख के स्तर पर टिके रहने के दो मुख्य कारण हैं:
- वेडिंग सीजन की डिमांड: भारत में अप्रैल और मई महीने में शादियों का भारी सीजन है। आभूषणों की बढ़ती मांग ने कीमतों को निचले स्तर पर आने से रोक रखा है।
- अंतर्राष्ट्रीय दबाव: हालांकि वैश्विक बाजार में डॉलर मजबूत हो रहा है, लेकिन केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों को सपोर्ट दिया है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर साफ दिख रहा है।
मध्य प्रदेश में आधी रात हुआ भारी फेरबदल, कई कलेक्टरों की छुट्टी, रसूखदार अफसरों के बदले विभाग!
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
यदि आप गहने पहनने के बजाय केवल निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स ‘डिजिटल गोल्ड’ या ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड’ (SGB) को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहे हैं।
- फायदा: इसमें आपको न तो मेकिंग चार्जेस देने होते हैं और न ही सुरक्षा (Locker) की चिंता करनी पड़ती है।
- SGB: सरकारी बॉन्ड होने के कारण इस पर सालाना 2.5% का ब्याज भी मिलता है, जो इसे भौतिक सोने से बेहतर विकल्प बनाता है।
साजिश का पर्दाफाश! सिंगरौली में ‘रेप’ के झूठे जाल में फंसे 3 बेगुनाह हुए आजाद, मुकर गई पूरी कहानी
वेट करें या खरीदें?
सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कीमतों में किसी बड़ी गिरावट के आसार नहीं हैं। यदि आपके घर में जल्द शादी है, तो ‘सिप’ (SIP) के रूप में थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। कल की क्लोजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
जर्नलिस्ट नोट: सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहता है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से ‘हॉलमार्क’ की जांच और लेटेस्ट रेट्स की पुष्टि अवश्य करें।







