भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार देर रात ऐसा झटका लगा, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। महज आधे घंटे के भीतर चांदी की कीमतों में इतनी तेज गिरावट दर्ज की गई कि बाजार में हड़कंप मच गया। जहां दिनभर चांदी मजबूती दिखा रही थी, वहीं रात होते-होते इसका रुख पूरी तरह पलट गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम 65,000 रुपये प्रति किलो से भी ज्यादा टूटते नजर आए, जिसने निवेशकों और व्यापारियों—दोनों को चौंका दिया।
कितनी थी गिरावट और अब क्या है चांदी का भाव
MCX पर चांदी का सबसे सक्रिय कॉन्ट्रैक्ट देर रात कारोबार के दौरान एक झटके में नीचे फिसल गया। जहां कुछ देर पहले तक कीमतें ऊपरी स्तरों पर टिकने की कोशिश कर रही थीं, वहीं अचानक बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि भाव सीधे 65 हजार रुपये से ज्यादा टूट गए। इस गिरावट के बाद चांदी का रेट मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे चला गया, जिसे बाजार के लिए एक अहम संकेत माना जा रहा है।
अचानक क्यों टूटी चांदी? अंदर की वजहें
इस तेज गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं थे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी कई ऐसे फैक्टर सक्रिय थे, जिन्होंने चांदी पर दबाव बनाया।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर: अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
- डॉलर की मजबूती: डॉलर इंडेक्स में तेजी आते ही चांदी जैसी कमोडिटीज पर दबाव बनना आम बात है, और यही इस गिरावट का एक बड़ा कारण रहा।
- शॉर्ट टर्म मुनाफावसूली: पिछले कुछ सत्रों में आई तेजी के बाद कई बड़े खिलाड़ियों ने मुनाफा काटना बेहतर समझा, जिससे अचानक बिकवाली बढ़ गई।







