बॉलीवुड में एक बार फिर गाने के बोलों को लेकर बहस छिड़ गई है। नोरा फतेही और संजय दत्त के नए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरनी शुरू कर दी हैं।
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कई दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि गाने के लिरिक्स में अश्लीलता झलकती है, जो आज के समय में कंटेंट की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। वहीं कुछ लोग इसे “सिर्फ एंटरटेनमेंट” बताकर बचाव भी कर रहे हैं।

क्या है लोगों की नाराजगी की असली वजह?
विवाद का केंद्र गाने के बोल हैं, जिन्हें लेकर आरोप है कि वे महिलाओं की छवि को हल्के ढंग से पेश करते हैं। खासतौर पर युवा दर्शकों के बीच यह चिंता जताई जा रही है कि इस तरह के गाने पॉप कल्चर पर गलत असर डाल सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि विरोध केवल आम दर्शकों तक सीमित नहीं है, कुछ सामाजिक संगठनों और ऑनलाइन कैंपेन ने भी इस गाने के खिलाफ आवाज उठाई है। ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर #BanSarkeChunarTeri जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं।
सोशल मीडिया का दो धड़ों में बंटना
हर बड़े विवाद की तरह इस बार भी सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है।
एक वर्ग का मानना है कि फिल्मी गानों में अभिव्यक्ति की आजादी होनी चाहिए और हर चीज को “अश्लील” कहकर खारिज करना सही नहीं है। वहीं दूसरा वर्ग यह सवाल उठा रहा है कि क्या व्यावसायिक सफलता के लिए किसी भी तरह का कंटेंट परोसा जाना ठीक है?
यही बहस इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना रही है, क्योंकि यह सिर्फ एक गाने का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि कंटेंट की सीमाओं और जिम्मेदारी पर चर्चा बन चुका है।







