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 IIT वाले बाबा ने रचाई शादी कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका बनीं जीवनसंगिनी, जानें पूरी खबर

By: डिजिटल डेस्क

On: Monday, April 6, 2026 4:20 PM

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झज्जर: कुछ समय पहले महाकुंभ के दौरान अपने सन्यासी भेष और आईआईटी (IIT) की डिग्री के अनोखे संगम से सोशल मीडिया पर रातों-रात सनसनी मचाने वाले अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। ‘आईआईटी वाले बाबा’ के नाम से मशहूर अभय सिंह ने अब गृहस्थ जीवन की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कर्नाटक की रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रतीका के साथ सात फेरे लिए हैं।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ विवाह

अभय सिंह और प्रतीका का विवाह हाल ही में सुर्खियों में तब आया जब यह नवविवाहित जोड़ा हरियाणा के झज्जर पहुंचा। अभय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने प्रतीका के साथ 15 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अघंजर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन पारंपरिक रीति-रिवाजों से शादी की थी। धार्मिक अनुष्ठान के बाद, कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 19 फरवरी को इस जोड़े ने कोर्ट मैरिज भी की।

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शादी के बाद पहली बार अभय अपनी पत्नी के साथ अपने पैतृक गांव सासरौली (झज्जर) पहुंचे, जहां उनके परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया।

पिता के चैंबर में लगी सेल्फी लेने वालों की कतार

झज्जर प्रवास के दौरान अभय अपनी पत्नी के साथ अपने पिता करण सिंह के चैंबर में भी गए। बता दें कि अभय के पिता झज्जर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान और एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। जैसे ही वकीलों और स्थानीय लोगों को ‘आईआईटी वाले बाबा’ के आने की सूचना मिली, वहां उन्हें देखने और उनके साथ सेल्फी लेने वालों का तांता लग गया। भावुक होते हुए अभय ने कहा:

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“यह वही चैंबर है जहां बैठकर मैं घंटों पढ़ाई किया करता था। आज अपनी जीवनसंगिनी के साथ यहां वापस आना मेरे लिए बहुत सुखद अनुभव है।”

आध्यात्मिक और आधुनिक शिक्षा का संगम: ‘श्री यूनिवर्सिटी’ का लक्ष्य

इस विवाह की सबसे खास बात यह है कि अभय और प्रतीका, दोनों ही तकनीकी पृष्ठभूमि से होने के बावजूद आध्यात्म की ओर गहरा झुकाव रखते हैं। मूल रूप से बेंगलुरु की रहने वाली प्रतीका ने बताया कि अभय की सरलता और स्पष्टवादिता ने उन्हें प्रभावित किया।

इस जोड़े ने अपने भविष्य के विजन को साझा करते हुए बताया कि वे अब ‘सनातन धर्म’ के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहेंगे। उनका मुख्य लक्ष्य एक ‘श्री यूनिवर्सिटी’ की स्थापना करना है। इस यूनिवर्सिटी की रूपरेखा कुछ इस प्रकार होगी:

  • आधुनिक ज्ञान: यहां विज्ञान और तकनीक की शिक्षा दी जाएगी।
  • आध्यात्मिक साधना: विद्यार्थियों को ध्यान और योग का प्रशिक्षण मिलेगा।
  • गुरु मार्गदर्शन: प्राचीन गुरुकुल परंपरा के तहत विशेषज्ञों का सानिध्य प्राप्त होगा।

सोशल मीडिया पर क्यों चर्चित थे अभय?

अभय सिंह तब चर्चा में आए थे जब कुंभ के दौरान एक पत्रकार ने उनसे अंग्रेजी में बात की और उन्होंने न केवल फर्राटेदार अंग्रेजी में जवाब दिया, बल्कि अपनी आईआईटी की शिक्षा के बारे में भी बताया। सन्यासी के कपड़ों में एक उच्च शिक्षित युवा को देख लोग दंग रह गए थे। फिलहाल यह जोड़ा हिमाचल प्रदेश में रहकर अपने आगामी शैक्षिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।

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