होम Best Offer लाइफस्टाइल नेशनल न्यूज मध्य प्रदेश लोकल न्यूज टेक्नोलॉजी बिजनेस अन्य

एमपी में कुदरत का कहर तीन सिस्टम सक्रिय, भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में ओले और बारिश का रेड अलर्ट

By: डिजिटल डेस्क

On: Wednesday, April 8, 2026 6:26 PM

Cyclonic circulation in Madhya Pradesh
Google News
Follow Us
---Advertisement---

भोपाल | 8 अप्रैल, 2026 मध्य प्रदेश में गर्मी की दस्तक के बीच अचानक मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के ऊपर एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) सक्रिय हो गए हैं। इस मौसमी बदलाव के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के बड़े हिस्से में ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में भारी तबाही की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, मालवा और निमाड़ अंचल के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश के साथ बड़े आकार के ओले गिरने की प्रबल संभावना है।

भोपाल में शिक्षकों का महासंग्राम TET विसंगतियों को लेकर DPI का घेराव

क्यों बदला मौसम का मिजाज?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश के बीच से गुजर रही है, जिसे राजस्थान और महाराष्ट्र के ऊपर बने चक्रवाती घेरों से ऊर्जा मिल रही है। इसके प्रभाव से हवाओं में नमी बढ़ी है और बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है।

Samsung Galaxy S26 Series पर ₹20,000 का डिस्काउंट जानिए  प्री-ऑर्डर ऑफर

किसानों की बढ़ी चिंता: ‘सोना’ उगलने वाली फसल पर संकट

यह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश के किसान अपनी साल भर की मेहनत यानी गेहूँ और चने की फसल की कटाई में व्यस्त हैं।

  • फसल को नुकसान: ओले गिरने से खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और झड़ने का डर है।
  • उपार्जन पर असर: मंडियों में खुले में रखा अनाज भी भीगने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर ओले गिरे तो पैदावार में 30% से 40% तक की गिरावट आ सकती है।
  • सरकारी निर्देश: मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे मंडियों में तिरपाल और अनाज सुखाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सावधानी और बचाव के उपाय

प्रशासन ने आम नागरिकों और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:

  1. बिजली से बचें: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
  2. सुरक्षित स्थान: ओलावृष्टि शुरू होने पर मजबूत छत के नीचे शरण लें।
  3. कृषि सलाह: कटी हुई फसल को ऊंचे स्थानों पर रखें और उसे वॉटरप्रूफ तिरपाल से ढंक दें।

आगामी अनुमान: मौसम विभाग का मानना है कि 10 अप्रैल के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है, तब तक रुक-रुक कर प्री-मानसून जैसी गतिविधियां जारी रहेंगी।

For Feedback - Feedback@shopingwoping.com.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now
Slide Up
x