लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली के अपने आधिकारिक आवास पर जनगणना 2027 का डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन पूरा कर ऐतिहासिक शुरुआत की। परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर उन्होंने इसे सुशासन का नया युग बताया। यह भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना का प्रतीक है।
दो चरणों में चलेगी प्रक्रिया
जनगणना दो चरणों में होगी पहला आवासों और सुविधाओं की गणना, दूसरा फरवरी 2027 में जनसंख्या। 11,718 करोड़ के बजट से 30 लाख कर्मचारी लगेंगे। नागरिक मोबाइल ऐप या पोर्टल से स्वयं डेटा भर सकेंगे। गृह मंत्रालय के तहत 33 सवाल पहले चरण के हैं।
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कागज से डिजिटल तक का सफर
ओम बिरला ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया सुरक्षित, सटीक और सुगम है। कागजी तरीकों से विदा होकर डेटा तुरंत सर्वर पर चला जाएगा। गलतियां कम, नतीजे तेज। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपना पंजीकरण कर प्रक्रिया को गति दी। राज्यों में समय अलग-अलग निर्धारित।
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GPS टैगिंग और क्लाउड तकनीक
जनगणना प्रबंधन प्रणाली (CMMS) डेटा संग्रह का केंद्र बनेगी। GPS टैगिंग, ऑफलाइन मोड, क्लाउड स्टोरेज से वास्तविक समय निगरानी होगी। 50% आबादी ऐप से स्व-गणना करेगी। जन्म-मृत्यु डेटा स्वतः अपडेट होगा। यह जनगणना अधिनियम 1948 के तहत चलेगी।
नीतिनिर्माण का मजबूत आधार
जनगणना सरकारी योजनाओं का आधार बनेगी। जातिगत आंकड़े, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा-रोजगार डेटा नीतियों को दिशा देंगे। ओम बिरला ने नागरिकों से डिजिटल सहभागिता की अपील की। FAQs जारी कर जागरूकता अभियान तेज। मजबूत भारत का आधार तैयार हो रहा।






