Jupiter retrograde effects on career – गुरु ग्रह इस समय कर्क राशि में अतिचारी गति से गोचर कर रहे हैं, जिसका अर्थ है कि वे सामान्य से तेज गति से इस राशि में प्रवेश कर चुके हैं। 11 नवंबर 2025 को गुरु ग्रह अपनी वक्री, यानी उल्टी चाल में जा रहे हैं, जो लगभग 25 दिनों तक चलेगा। इससे पहले ग्रह मार्गी तरीके से कर्क राशि में थे। गुरु ग्रह की इस स्थिति का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है, खासकर कर्क, मकर, मीन, वृश्चिक और अन्य राशियों पर.
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गुरु ग्रह के वक्री होने के प्रभाव
गुरु ग्रह वक्री चलने पर ज्योतिष में इसे दोनों शुभ और सावधानी भरा माना जाता है। वक्री ग्रह जातकों के लिए जीवन में सुधार और नई शुरुआत के अवसर लेकर आता है, लेकिन इसके साथ कुछ एक्स्ट्रा सावधानी की जरूरत भी होती है। गुरु ग्रह की वक्री चाल में कुछ राशियों को धन, करियर व रिश्तों में लाभ होगा, जबकि कुछ राशियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से मेष और वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान अपने खर्च और मानसिक तनाव पर ध्यान देने को कहा जाता है। दूसरी ओर, वक्री गुरु के चलते कन्या, मकर, वृश्चिक जैसी राशियों के लिए यह समय लाभकारी साबित हो सकता है। व्यवसाय में लाभ, करियर में प्रगति और रिश्तों में सुधार के योग बनेंगे.
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प्रमुख राशियां और गुरु वक्री के परिणाम
वृषभ राशि वालों के लिए गुरु की वक्री चाल व्यापार और आमदनी में बढ़ोतरी का संकेत देती है। इस अवधि में नौकरीपेशा लोगों के लिए करियर में सकारात्मक बदलाव होंगे जैसे नए अवसर और बेहतर पद की प्राप्तिं। कन्या राशि वाले नए मित्र और सहयोगी पाएंगे, साथ ही स्वास्थ्य और रिश्तों में सुधार होगा। मकर राशि वालों को लक्ष्यों पर फोकस कर सफलता और सम्मान मिलेगा, जो उनके अटके हुए कार्य पूरे होंगे। वृश्चिक राशि में करियर में उन्नति होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। मेष राशि के जातकों को वक्री गुरु के कारण अचानक खर्च और मानसिक तनाव हो सकता है, इसलिए संयम जरूरी है.







