भारत में रसोई गैस को लेकर एक नया संकट उभरता दिखाई दे रहा है। LPG Gas Crisis in India अब सिर्फ अफवाह नहीं बल्कि कई शहरों में हकीकत बन चुका है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ते असर के कारण देश में गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह लोगों को बुकिंग के बाद 8 से 10 दिन तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है।
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गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। वहीं दूसरी तरफ होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट जैसे छोटे व्यवसाय भी इस संकट की वजह से मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं।
कई शहरों में गैस सप्लाई प्रभावित
देश के बड़े शहरों में इस संकट का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और राजस्थान के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।
गैस एजेंसियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित होने और शिपमेंट में देरी की वजह से वितरण पर असर पड़ रहा है। यही कारण है कि पहले जहां गैस सिलेंडर 2–3 दिन में घर पहुंच जाता था, अब उसमें कई दिन की देरी हो रही है।
इस स्थिति ने खासतौर पर छोटे होटल और ढाबा संचालकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कई जगहों पर रेस्टोरेंट मालिकों को अस्थायी रूप से कारोबार बंद करना पड़ा है क्योंकि उनके पास वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध नहीं है।
मिडिल ईस्ट तनाव क्यों बन रहा कारण
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसका महत्वपूर्ण स्रोत मिडिल ईस्ट क्षेत्र है। इस क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिपमेंट में देरी होती है या कीमतों में अचानक उछाल आता है, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता पर दिखाई देता है।
हालांकि सरकार ने अभी इसे अस्थायी व्यवधान बताया है, लेकिन कई राज्यों में वितरण एजेंसियां पहले से ज्यादा दबाव में काम कर रही हैं।







