भोपाल | मध्य प्रदेश के करोड़ों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आ रही है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही बढ़ते बिजली बिलों की चिंता के बीच, राज्य का ऊर्जा विभाग एक नई ‘यूनिट रिबेट’ (Unit Rebate) प्रोत्साहन योजना की घोषणा करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, यह योजना कल, 8 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो सकती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना और कम खपत करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को वित्तीय लाभ पहुँचाना है।
क्या है ‘यूनिट रिबेट’ योजना?
इस नई योजना के तहत, उन घरेलू उपभोक्ताओं को लक्षित किया गया है जिनकी मासिक बिजली खपत 200 यूनिट से कम रहती है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को उनके कुल बिल (एनर्जी चार्ज) पर 15% तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह छूट सरकार द्वारा दी जाने वाली मौजूदा ‘अटल गृह ज्योति योजना’ की सब्सिडी के अलावा होगी।
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यानी, यदि आप बिजली की बचत करते हैं, तो आपको न केवल कम यूनिट का पैसा देना होगा, बल्कि बिल राशि पर सीधी कटौती का दोहरा लाभ भी मिलेगा।
किसे मिलेगा लाभ? सांख्यिकीय नजरिया
ऊर्जा विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगभग 1.20 करोड़ ऐसे घरेलू उपभोक्ता हैं जिनकी औसत खपत 200 यूनिट के दायरे में आती है।
- 100 यूनिट तक खपत: इन उपभोक्ताओं को पहले से ही भारी सब्सिडी मिल रही है, अब 15% रिबेट से इनका बिल लगभग ‘न्यूनतम’ रह जाएगा।
- 101 से 200 यूनिट खपत: इस श्रेणी के मध्यमवर्गीय परिवारों को महीने में ₹150 से ₹300 तक की अतिरिक्त बचत होने की उम्मीद है।
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विभाग का अनुमान है कि इस योजना से राज्य सरकार पर सालाना करीब ₹450 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे पीक डिमांड के समय ग्रिड पर दबाव कम होगा।
कल लॉन्च होगा ‘नया सब्सिडी कैलकुलेटर’
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऊर्जा विभाग कल अपनी आधिकारिक वेबसाइट और ‘स्मार्ट बिजली ऐप’ पर एक नया सब्सिडी कैलकुलेटर भी लाइव करेगा। इसके जरिए उपभोक्ता अपना पिछला रिकॉर्ड डालकर यह देख सकेंगे कि नई योजना के तहत उन्हें कितनी बचत होगी। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने मीटर की रीडिंग और बिलिंग साइकिल को कल ही पोर्टल पर अपडेट करें ताकि लाभ मिलने में कोई देरी न हो।
ऊर्जा संरक्षण को प्रोत्साहन
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल राहत देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को बिजली बचाने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया गया है। “जब उपभोक्ताओं को पता होगा कि 200 यूनिट से नीचे रहने पर उन्हें सीधे 15% की बचत होगी, तो वे अनावश्यक बिजली खर्च करने से बचेंगे,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
राज्य के तीनों बिजली वितरण केंद्रों (पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र) को इस संबंध में सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए हैं। कल होने वाली कैबिनेट ब्रीफिंग में मुख्यमंत्री इस योजना की औपचारिक रूपरेखा साझा कर सकते हैं।







