महाराष्ट्र का नासिक शहर, जो अपनी वाइनरी और धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, हाल ही में एक ऐसी खबर का केंद्र बना जिसने कॉर्पोरेट जगत की सुरक्षा और नैतिकता पर कालिख पोत दी है। नासिक की एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी (MNC) में नौकरी की आड़ में चल रहे धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
कैसे हुआ खुलासा?
मामले की शुरुआत तब हुई जब कंपनी की कुछ महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे में अचानक बदलाव देखा गया। रमजान के दौरान कुछ गैर-मुस्लिम युवतियों द्वारा रोजा रखने और विशेष धार्मिक आचरण करने की शिकायतों के बाद शक की सुई कंपनी के प्रबंधन पर घूमी। इसके बाद कुछ पीड़िताओं ने हिम्मत जुटाकर यौन उत्पीड़न और मानसिक दबाव की बात पुलिस तक पहुँचाई।
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7 जांबाज महिला पुलिसकर्मियों का ‘ऑपरेशन भंडाफोड़’
नासिक पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष रणनीति बनाई। 7 महिला पुलिसकर्मियों की एक टीम तैयार की गई, जिन्होंने अपनी पहचान छुपाकर कंपनी में ‘ट्रेनी’ के रूप में प्रवेश लिया।
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अंडरकवर मिशन: करीब दो सप्ताह तक इन महिला अधिकारियों ने कंपनी के भीतर रहकर साक्ष्य जुटाए।
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क्या मिला अंदर: उन्होंने पाया कि कंपनी के कुछ ‘टीम लीडर्स’ और एचआर विभाग के लोग नई भर्ती हुई लड़कियों को निशाना बनाते थे। उन्हें बेहतर सैलरी और पद का लालच देकर धर्म बदलने के लिए ब्रेनवॉश किया जाता था। विरोध करने वाली युवतियों के साथ अश्लील हरकतें और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।
प्रमुख तथ्य और गिरफ्तारियां
पुलिस की इस रेड के बाद अब तक के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
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FIR और गिरफ्तारियां: पुलिस ने कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं। अब तक 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 6 मुस्लिम टीम लीडर और कंपनी की एक महिला एचआर मैनेजर भी शामिल है।
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आरोप: आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं सहित जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून और यौन उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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केंद्रीय हस्तक्षेप: मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने भी सख्त जांच के आदेश दिए हैं, और केंद्रीय एजेंसियां भी इस ‘कॉर्पोरेट धर्मांतरण मॉडल’ की जांच कर रही हैं।
विशेषज्ञ की राय
यह मामला दिखाता है कि कैसे अब ‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में उच्च शिक्षित युवाओं को कॉर्पोरेट ऑफिस के भीतर निशाना बनाया जा रहा है। नासिक पुलिस की यह कार्रवाई देशभर के पुलिस विभागों के लिए एक नजीर बन गई है।







