नई दिल्ली | यदि आप एक से अधिक सिम कार्ड का उपयोग करते हैं, तो आज का दिन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दूरसंचार विभाग (DoT) के नए सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 से देशभर में सिम कार्ड के उपयोग और वेरिफिकेशन से जुड़े कड़े नियम लागू हो रहे हैं। इन नियमों का पालन न करने वाले ग्राहकों की मोबाइल सेवाएं जिसमें आउटगोइंग कॉल्स, एसएमएस और डेटा शामिल है आज से किसी भी समय बंद की जा सकती हैं।
किन यूजर्स पर गिरेगी गाज?
सरकार ने यह कदम बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और फर्जी पहचान पत्र पर सिम लेने की घटनाओं को रोकने के लिए उठाया है। नए नियमों के केंद्र में वे यूजर्स हैं जिन्होंने:
- अपनी सिम का अनिवार्य ‘री-वेरिफिकेशन’ (Re-verification) अभी तक पूरा नहीं किया है।
- एक ही आईडी (पहचान पत्र) पर 4 से अधिक सिम कार्ड एक्टिव रखे हुए हैं।
दूरसंचार विभाग के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के नाम पर 4 से अधिक सिम कार्ड पंजीकृत हैं, तो उन्हें कल तक अपनी नजदीकी टेलीकॉम गैलरी (जैसे Jio, Airtel, VI) जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए यह प्रमाणित करना होगा कि वे इन सिमों के वास्तविक स्वामी हैं।
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बायोमेट्रिक अपडेट है अनिवार्य
DoT ने स्पष्ट किया है कि केवल आधार ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन अब पर्याप्त नहीं होगा। संदिग्ध पाए गए नंबरों के लिए ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से स्टोर पर उपस्थित होकर अपना फिंगरप्रिंट या फेस-आईडी अपडेट कराना होगा। यदि आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो नियम के अनुसार आपका कनेक्शन ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया जाएगा और 24 घंटे के भीतर सेवाएं पूरी तरह ब्लॉक कर दी जाएंगी।
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सांख्यिकीय डेटा क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
हाल ही में ‘टेलीकॉम सिम डेटा-चेक 2026’ की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
- देशभर में लगभग 1.2 करोड़ सिम कार्ड ऐसे पाए गए हैं जो संदिग्ध पहचान पत्रों पर चल रहे हैं।
- अकेले पिछले तीन महीनों में फर्जी सिम के जरिए किए गए वित्तीय फ्रॉड में 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- सरकार का लक्ष्य इस अभियान के जरिए कम से कम 50 लाख अवैध सिम को नेटवर्क से बाहर करना है।
कैसे चेक करें अपना स्टेटस?
यूजर्स दूरसंचार विभाग के आधिकारिक पोर्टल TAFCOP पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर यह चेक कर सकते हैं कि उनकी आईडी पर कुल कितने सिम एक्टिव हैं। यदि वहां कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसे आप नहीं पहचानते, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें।
विशेषज्ञों की सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया थोड़ी असुविधाजनक जरूर हो सकती है, लेकिन आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए यह ‘कवच’ की तरह काम करेगी। “सिम क्लोनिंग और फिशिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए री-वेरिफिकेशन एक अनिवार्य सुरक्षा कदम है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
कल से सेवाओं में रुकावट से बचने के लिए आज ही अपने नजदीकी टेलीकॉम स्टोर पर जाकर अपनी सिम की स्थिति की जांच करें और आवश्यक केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करें।






