मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ में एक एसडीएम पर परिवार को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने मां-बेटी समेत पूरे परिवार को लंबे समय से मानसिक यातना दी और अनैतिक बातें की. इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई
मंगलवार को मुरैना कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार ने कलेक्टर अंकित अस्थाना को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. शिकायत में बताया गया कि एसडीएम अरविंद माहौर पिछले एक साल से देर रात युवती को फोन कर अश्लील बातें कर रहे थे और जब बेटी ने कॉल उठाना बंद किया, तो अधिकारी ने रिश्तेदारों को धमकाना शुरू कर दिया. महिला का आरोप है कि प्रशासन की मदद न मिलने पर वे परिवार सहित आत्महत्या को मजबूर हो सकते हैं.
वीडियो और सबूत के साथ पेश हुई शिकायत
पीड़ित परिवार ने एसडीएम की अशोभनीय भाषा और धमकी का वीडियो भी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया. घर के देवर ने घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जिसमे अधिकारी ने कहा, “तेरी बेटी और भाभी में बहुत गर्मी है, झूठे केस में फंसा दूंगा”. इस रिकॉर्डिंग के आधार पर कलेक्टर ने तुरंत एसडीएम को पद से हटा दिया था, जिसके बाद सीएम ने निलंबन का आदेश जारी किया.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पोस्ट जारी कर घटना की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि महिला से अभद्र व्यवहार और पटवारी के तबादलों में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं. मोहन यादव ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि जनसेवा में आचरण की मर्यादा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है







