भारत में महिलाओं की लाइफस्टाइल तेज़ी से बदल रही है, ऑफिस मीटिंग, मेट्रो ट्रैवल, वीकेंड ब्रंच और इवनिंग वॉक, सब कुछ एक ही दिन में। ऐसे में अब जूतों से सिर्फ़ “सुंदर दिखना” काफी नहीं, बल्कि कम्फर्ट, होना भी बहुत जरुरी है |यही वजह है कि 2026 में Multi-Functional Sneakers महिलाओं की अलमारी का सबसे ज़रूरी हिस्सा बनते जा रहे हैं।
Mamta Kulkarni Kinnar Akhada news- ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़ा से निष्कासित: क्या थी पूरी घटना?
1. ऑफिस-टू-आउटिंग ट्रांज़िशन स्नीकर्स
ये वो स्नीकर्स हैं जो ब्लेज़र और ट्राउज़र के साथ भी प्रोफेशनल लगें और जीन्स या ड्रेस के साथ कैज़ुअल भी। सॉफ्ट न्यूट्रल कलर, स्लिम सोल और मिनिमल डिज़ाइन इन्हें “वर्क-फ्रेंडली” बनाते हैं।

क्यों खास: लंबे समय तक पहनने पर भी पैरों में थकान नहीं और लुक कभी ओवरड्रेस्ड नहीं लगता।
2. वॉकिंग + ट्रैवल हाइब्रिड स्नीकर्स
एयर-कुशन सोल, हल्का वज़न और ब्रीदेबल फैब्रिक, ये स्नीकर्स रोज़ाना की वॉक से लेकर एयरपोर्ट ट्रैवल तक हर जगह फिट बैठते हैं।
क्यों ज़रूरी: भारतीय महिलाओं के लिए जो दिन में 8–10 घंटे एक्टिव रहती हैं, यह एक हेल्थ-फ्रेंडली और स्टाइल-सेफ चॉइस है।

Mamta Kulkarni Kinnar Akhada news- ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़ा से निष्कासित: क्या थी पूरी घटना?
3. जिम से स्ट्रीट स्टाइल तक चलने वाले स्नीकर्स
अब अलग-अलग एक्टिविटी के लिए अलग जूते रखने का ज़माना जा रहा है। ये स्नीकर्स वर्कआउट के बाद सीधे कैफ़े या मॉल जाने लायक लुक देते हैं।
क्यों ट्रेंड में: स्पोर्टी शेप के साथ सॉफ्ट कलर पैलेट इन्हें एथलीज़र फैशन का परफेक्ट उदाहरण बनाता है।
4. मानसून-रेडी, ऑल-सीज़न स्नीकर्स
भारत जैसे देश में मौसम बड़ा फैक्टर है। वाटर-रेसिस्टेंट अपर, एंटी-स्लिप सोल और जल्दी सूखने वाला मटीरियल इन्हें पूरे साल पहनने योग्य बनाता है।
क्यों स्मार्ट: बारिश में भी स्टाइल और सेफ्टी दोनों से समझौता नहीं करना पड़ता।







