लखनऊ/वाराणसी-उत्तर रेलवे के एक बड़े अधिकारी और उनके ‘खास’ मातहत के बीच रिश्वत के लेनदेन ने उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब भ्रष्टाचार के आरोपी अफ़सर के घर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम धमक पड़ी। उत्तर रेलवे के असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर (ACM) विनीत कटियार के लखनऊ स्थित आवास पर हुई इस छापेमारी ने रेल महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
रिश्वत की मांग और रिटायर्ड TTE का ‘जवाबी हमला’
मामले की शुरुआत वाराणसी रेलवे स्टेशन से हुई। यहाँ ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) का संचालन करने वाले रिटायर्ड टीटीई (TTE) विनोद कुमार सिंह अपने अनुबंध (Contract) के नवीनीकरण के लिए प्रयासरत थे। आरोप है कि ACM विनीत कटियार ने इस नए अनुबंध को जारी करने के बदले में ₹50,000 की रिश्वत मांगी थी।
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विनोद कुमार सिंह, जो कभी उन्हीं के विभाग में काम कर चुके थे, ने झुकने के बजाय अपने ही ‘बॉस’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मामले की शिकायत सीधे CBI से कर दी। CBI ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और FIR दर्ज करने के बाद छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।
छापेमारी में क्या-क्या मिला? (सांख्यिकीय आंकड़े)
लखनऊ की वृंदावन योजना स्थित विनीत कटियार के आवास पर जब CBI की टीम पहुँची, तो वहां से बरामद संपत्तियों ने अधिकारियों को भी चौंका दिया। जांच के दौरान अब तक निम्नलिखित बरामदगी हुई है:
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- नगद राशि: ₹7.5 लाख से अधिक की हार्ड कैश।
- जेवरात: भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण (मूल्य का आकलन जारी)।
- दस्तावेज: कई बेनामी संपत्तियों और लखनऊ व अन्य शहरों में निवेश किए गए प्रॉपर्टी के कागजात।
- बैंक खाते: कई संदिग्ध बैंक खातों और लॉकरों की जानकारी मिली है, जिन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रेलवे में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल इंडिया और पारदर्शी व्यवस्था के दावों के बीच जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। ATVM मशीनें, जो यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई हैं, उनके ठेकों में भी अफ़सरशाही का दखल और अवैध वसूली की कोशिशें जारी हैं।
CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। यह छापेमारी केवल शुरुआत है; हम यह भी जांच रहे हैं कि क्या इस सिंडिकेट में रेलवे के अन्य बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।”
जनता और कर्मचारियों के लिए सबक
रिटायर्ड TTE विनोद कुमार सिंह के इस कदम की सोशल मीडिया पर काफी प्रशंसा हो रही है। जानकारों का कहना है कि यदि हर पीड़ित अधिकारी के डर से बाहर आकर शिकायत करे, तो तंत्र को साफ करना आसान होगा। फिलहाल, विनीत कटियार से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।






