होम Best Offer लाइफस्टाइल नेशनल न्यूज मध्य प्रदेश लोकल न्यूज टेक्नोलॉजी बिजनेस अन्य

सिंगरौली कोर्ट का चौंकाने वाला फैसला शादी के झांसे पर रेप केस उलटा, पीड़िता ने कहा- ‘प्रेम था, परिवार का दबाव’

By: डिजिटल डेस्क

On: Saturday, April 4, 2026 11:08 AM

Singrauli court marriage promise rape case overturned
Google News
Follow Us
---Advertisement---

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न कोर्ट ने एक ऐसे बलात्कार मामले में आरोपी को बरी कर दिया, जहां पीड़िता ने खुद कोर्ट में पलटकर कहा कि संबंध सहमति से थे। यह फैसला जांच एजेंसियों के लिए सबक है कि वैज्ञानिक साक्ष्य अकेले काफी नहीं।

पीड़िता का बयान पलटा, केस ढहा

28 मार्च 2026 को द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कंचन गुप्ता ने राहुल बसोर को धारा 376(2)(एन) के तहत दर्ज सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। पीड़िता ने कोर्ट में साफ कहा कि आरोपी से उसके प्रेम संबंध थे, शादी हो चुकी है और FIR परिवार के दबाव में लिखी गई। होस्टाइल गवाह बनने से अभियोजन का पूरा मामला कमजोर पड़ गया।

सीधी कोर्ट का साहसिक फैसला बस चालक को लापरवाही केस में बरी, साक्ष्य नाकाफी

दो साल की देरी ने तोड़ा जांच का चक्रव्यूह


FIR 18 अक्टूबर 2023 को वैढ़न थाने में दर्ज हुई, लेकिन चार्जशीट दाखिल करने में पुलिस को पूरे दो साल लगे- 17 अक्टूबर 2025। इस दौरान पीड़िता की शादी हो गई, जो जांच की प्रक्रियात्मक कमियों को उजागर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हालिया फैसलों में गवाहों के प्रभावित होने पर चिंता जताई है।

AAP का बड़ा झटका राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, सियासत में सनसनी

डीएनए पॉजिटिव, फिर भी बरी- सहमति की बारीक रेखा


पीड़िता के कपड़ों पर आरोपी के शुक्राणु मिले, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वयस्क महिला का सहमति से इनकार और शादी का दावा साक्ष्य से ऊपर है। दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया फैसले की तरह यहां भी मौखिक बयान भारी पड़ा। अभियोजक पी.के. नापित वैज्ञानिक सबूत को सहमति के खिलाफ मजबूत नहीं ठहरा सके।

लॉन्ग टेल कीवर्ड: सिंगरौली कोर्ट शादी झांसा दुष्कर्म पीड़िता मुकर गई परिवार दबाव


शादी के वादे पर बने संबंधों में सहमति का सवाल हमेशा जटिल रहता है। सिंगरौली केस परिवार दबाव और वयस्क सहमति की दुविधा को रेखांकित करता है। बचाव वकील आर.के. सिंह वैश्य ने इसे प्रेम कहानी बताया।

न्याय प्रक्रिया पर सवालों की बौछार


यह फैसला पुलिस-अभियोजन की कमियों पर उंगली उठाता है- देरी, गवाह प्रबंधन की नाकामी। सुप्रीम कोर्ट ने होस्टाइल गवाहों पर सख्ती बरतने को कहा है, लेकिन यहां पीड़िता की स्वीकारोक्ति ने सब बदल दिया। ऐसे केस समाज में झूठी शिकायतों के खतरे को भी चेतावनी देते हैं।

For Feedback - Feedback@shopingwoping.com.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Bus driver acquitted

April 3, 2026

Singrauli dowry death

April 3, 2026

Singrauli dowry murder case

April 3, 2026

Madhya Pradesh police paperless office

April 2, 2026

road accident in Singrauli involving Adani bus today

March 14, 2026

Mada power plant worker death protest news

March 14, 2026

Slide Up
x