होम Best Offer लाइफस्टाइल नेशनल न्यूज मध्य प्रदेश लोकल न्यूज टेक्नोलॉजी बिजनेस अन्य

तिरंगे की गोद में लौटे शहीद, बेटे का पहला जन्मदिन आंसुओं में डूबा विकस की शहादत का दर्दनाक चित्र

By: विकाश विश्वकर्मा

On: Thursday, April 2, 2026 9:54 AM

Sikkim avalanche army martyr
Google News
Follow Us
---Advertisement---

Sikkim army jawan Vikas Kumar martyred avalanche son first birthday tragedy – हिमालय की गोद में डटा सिक्किम सीमा पर एक जवान ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 28 वर्षीय विकस कुमार बर्फीले हिमस्खलन की चपेट में शहीद हो गए, ठीक उसी दिन जब उनका छोटा बेटा पहला जन्मदिन मना रहा था।

सीमा पर कर्तव्य, घर में इंतजार


उत्तराखंड के रहने वाले लांस नायक विकस कुमार भारतीय सेना के साहसी सिपाही थे। सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाके में तैनाती के दौरान अचानक आए भयानक हिमस्खलन ने उनकी जान ले ली। परिवार को खबर मिली तो घर में सन्नाटा छा गया – बेटे आरुष का पहला जन्मदिन आधा-अधूरा रह गया।

AI की मार से  आजीवन संघर्ष को दि समाप्ति  80 लाख का नुकसान, नौकरी गंवाई, पति-पत्नी ने दी जान

तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर


शहीद के शव को तिरंगे में लपेटकर पैतृक गांव लाया गया। पूरा इलाका सलामी के लिए उमड़ पड़ा। छोटे बेटे ने अभी पिता को पहचाना भी नहीं था, फिर भी मासूम आंखों से तिरंगे को निहारता रहा। पत्नी की चीत्कार ने हर किसी का दिल दहला दिया।

Home remedies for women staying healthy in summer-भीषण गर्मी में महिलाओं के लिए 5 हेल्दी घरेलू उपाय 

पहले जन्मदिन पर पिता का शोक


विकस को अपने बेटे के जन्मदिन पर घर लौटना था। लेकिन नियति ने कुछ और ही लिखा। सेना के साथी बताते हैं कि विकस हमेशा परिवार के लिए लालायित रहते थे। अब पूरा गांव उनके छोटे परिवार का सहारा बनेगा  एक विधवा और अनाथ बेटे का।

हिमवीरों की अमर गाथा


सिक्किम जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात जवान बर्फीले तूफानों से जूझते हैं। विकस जैसे वीरों की शहादत देश की सुरक्षा का प्रतीक है। सरकार ने शहीद को श्रद्धांजलि दी, लेकिन सवाल उठता है – क्या इनकी फैमिली को वो सम्मान मिलेगा जो इन्होंने कमाया?

परिवार की पुकार, राष्ट्र का ऋण


शहीद की पत्नी ने कहा, “विकस का सपना था बेटे को गोद में उठाकर जन्मदिन मनाना।” यह दर्द सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि हर उस घर का है जहां सीमा पर तैनात जवान रहते हैं। विकस अमर रहेंगे, लेकिन उनके अधूरे सपने को पूरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

विकाश विश्वकर्मा

नमस्कार! मैं विकाश विश्वकर्मा हूँ, एक फ्रीलांस लेखक और ब्लॉगर। मेरी रुचि विभिन्न विषयों पर लिखने में है, जैसे कि प्रौद्योगिकी, यात्रा, और जीवनशैली। मैं अपने पाठकों को आकर्षक और जानकारीपूर्ण सामग्री प्रदान करने का प्रयास करता हूँ। मेरे लेखन में अनुभव और ज्ञान का मिश्रण होता है, जो पाठकों को नई दृष्टि और विचार प्रदान करता है। मुझे उम्मीद है कि मेरी सामग्री आपके लिए उपयोगी और रोचक होगी।
For Feedback - Feedback@shopingwoping.com.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now
Slide Up
x