youtube play button criteria and rules- आज भारत में लाखों युवा YouTube को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि करियर के रूप में देख रहे हैं। हर क्रिएटर का सपना होता है कि उसके नाम के साथ एक दिन सिल्वर, गोल्ड या डायमंड प्ले बटन जुड़ जाए। लेकिन ये बटन सिर्फ शोपीस नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, भरोसेमंद ऑडियंस और कंटेंट की क्वालिटी का सर्टिफिकेट होते हैं।
1. सिल्वर प्ले बटन कब मिलता है?
जब किसी चैनल के 1 लाख (100,000) सब्सक्राइबर पूरे हो जाते हैं और चैनल YouTube की सभी नीतियों पर खरा उतरता है, तब सिल्वर प्ले बटन के लिए पात्रता मिलती है।
खास बात यह है कि सब्सक्राइबर पूरे होते ही बटन अपने आप नहीं भेजा जाता। YouTube पहले चैनल की मैन्युअल जांच करता है—कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कोई कॉपीराइट या पॉलिसी वॉयलेशन तो नहीं।

2. गोल्ड प्ले बटन की शर्त
10 लाख (1 Million) सब्सक्राइबर पूरे होने पर गोल्ड प्ले बटन मिलता है। भारत में यह लेवल पाने वाले क्रिएटर्स अब हजारों में हैं, लेकिन हर किसी को यह अवॉर्ड नहीं मिलता।
YouTube ब्रांड वैल्यू, ऑडियंस ट्रस्ट और लॉन्ग-टर्म एक्टिविटी को भी देखता है। यानी एक वायरल वीडियो से मिलियन सब्सक्राइबर हो जाएं, फिर भी चैनल क्लीन न हो तो बटन रुक सकता है।
3. डायमंड प्ले बटन – असली स्टारडम
1 करोड़ (10 Million) सब्सक्राइबर पर मिलता है डायमंड प्ले बटन। यह सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि ग्लोबल पहचान का प्रतीक है।
भारत में टेक, म्यूजिक, एजुकेशन और एंटरटेनमेंट कैटेगरी के कुछ ही चुनिंदा चैनल इस मुकाम तक पहुंचे हैं। डायमंड बटन मिलने के बाद चैनल को इंटरनेशनल ब्रांड्स भी गंभीरता से लेते हैं।
YouTube से कमाई कैसे होती है?
1. ऐड रेवेन्यू (AdSense)
सबसे मुख्य कमाई विज्ञापनों से होती है।
- भारत में औसतन ₹20 से ₹200 CPM (1000 व्यू पर) मिल सकता है, कैटेगरी और ऑडियंस लोकेशन पर निर्भर करता है।
- एजुकेशन और फाइनेंस चैनल की कमाई एंटरटेनमेंट से कई गुना ज्यादा हो सकती है।
2. ब्रांड डील और स्पॉन्सरशिप
जैसे-जैसे सब्सक्राइबर बढ़ते हैं, कंपनियां प्रमोशन के लिए संपर्क करती हैं।
- 1 लाख सब्सक्राइबर वाला क्रिएटर भी ₹20,000–₹1 लाख प्रति वीडियो कमा सकता है।
- मिलियन प्लस चैनल की एक डील की कीमत लाखों में जाती है।
3. मेंबरशिप और सुपर चैट
लाइव स्ट्रीम में फैंस सीधे पैसे भेज सकते हैं, और चैनल मेंबरशिप से हर महीने फिक्स इनकम बनती है।
क्या सिर्फ बटन से करियर बनता है?
असल में प्ले बटन एक अवॉर्ड है, कमाई का साधन नहीं। कमाई आती है—
- ऑडियंस के भरोसे से
- कंटेंट की वैल्यू से
- और लगातार अपलोड करने की डिसिप्लिन से
आज कई ऐसे क्रिएटर हैं जिनके पास अभी गोल्ड बटन नहीं, फिर भी उनकी मासिक कमाई लाखों में है। वहीं कुछ बड़े सब्सक्राइबर वाले चैनल सिर्फ शोहरत तक सीमित रह जाते हैं।






