भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है। टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Zelio E-Mobility ने अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च कर दिया है। खास बात यह है कि कंपनी ने इसे ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया है, जो कम कीमत में अच्छा माइलेज और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद विकल्प चाहते हैं।

पिछले कुछ महीनों में EV सेगमेंट में लगातार नए मॉडल्स लॉन्च हो रहे हैं, लेकिन Zelio का यह कदम बजट ग्राहकों को सीधे टारगेट करता दिख रहा है।
डिजाइन और लुक:
नए स्कूटर का डिजाइन ज्यादा फैंसी नहीं है, लेकिन यह सादगी और उपयोगिता पर आधारित है। कंपनी ने इसे खासतौर पर शहरी और छोटे शहरों के यूजर्स के लिए तैयार किया है, जहां लोग स्टाइल से ज्यादा भरोसे और खर्च को प्राथमिकता देते हैं।
इसमें हल्का बॉडी फ्रेम दिया गया है, जिससे इसे चलाना आसान हो जाता है, खासतौर पर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए।
रेंज और बैटरी:
कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार चार्ज करने पर अच्छी-खासी दूरी तय कर सकता है। हालांकि रियल-वर्ल्ड कंडीशन में रेंज थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन फिर भी यह डेली कम्यूट के लिए काफी है।

कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस के साथ iQOO के इस फ़ोन ने मचाया धमाका , जानें क्या है खास
- एक बार चार्ज में अनुमानित रेंज: 60–100 किमी (वेरिएंट पर निर्भर)
- चार्जिंग टाइम: 4–8 घंटे
- बैटरी टाइप: लिथियम-आयन / लीड-एसिड (संभावित विकल्प)
यह आंकड़े इसे स्टूडेंट्स, ऑफिस जाने वालों और छोटे कारोबारियों के लिए एक किफायती विकल्प बनाते हैं।
कीमत:
Zelio E-Mobility ने अपने इस नए स्कूटर की कीमत को काफी प्रतिस्पर्धी रखा है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
भारतीय बाजार में जहां कई इलेक्ट्रिक स्कूटर 1 लाख रुपये से ऊपर जाते हैं, वहीं यह मॉडल कम बजट में EV खरीदने वालों के लिए रास्ता खोलता है।
नये फीचर्स:
इस स्कूटर में हाई-एंड फीचर्स की जगह बेसिक और जरूरी सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, जैसे:
- डिजिटल स्पीडोमीटर
- एंटी-थेफ्ट अलार्म
- रिमोट स्टार्ट
- USB चार्जिंग पोर्ट
इन फीचर्स से यह साफ है कि कंपनी ने इसे प्रैक्टिकल यूज के हिसाब से डिजाइन किया है, न कि सिर्फ शो-ऑफ के लिए।
किसके लिए है यह स्कूटर?
यह नया Zelio स्कूटर खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है:
- जो पहली बार इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद रहे हैं
- जिन्हें रोज 20–40 किमी का सफर करना होता है
- जो पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं
- छोटे शहरों और कस्बों के यूजर्स







