भारत में करोड़ों लोगों के लिए WhatsApp सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है। चैटिंग से लेकर फोटो, वीडियो और स्टेटस तक- सब कुछ मुफ्त में मिलता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक सवाल तेज़ी से वायरल हो रहा है: क्या WhatsApp अब पूरी तरह फ्री नहीं रहेगा? क्या स्टेटस लगाने के लिए पैसे देने होंगे?
इस खबर के पीछे की सच्चाई थोड़ी अलग है, और उसे समझना हर यूजर के लिए ज़रूरी है।
कहां से शुरू हुई “पेड स्टेटस” की चर्चा?
Meta (WhatsApp की पैरेंट कंपनी) पिछले कुछ समय से अपने प्लेटफॉर्म्स को मॉनेटाइज करने के नए तरीकों पर काम कर रही है। Instagram और Facebook की तरह अब WhatsApp पर भी बिज़नेस टूल्स और विज्ञापन मॉडल को मज़बूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में यह चर्चा सामने आई कि Status सेक्शन में ब्रांड्स के विज्ञापन दिख सकते हैं, जिससे लोगों को लगा कि शायद अब स्टेटस डालने या देखने के लिए पैसे चुकाने होंगे।
क्या आम यूजर को स्टेटस के लिए पैसे देने होंगे?
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सीधा और साफ जवाब: नहीं।
WhatsApp ने अब तक कहीं भी यह नहीं कहा है कि आम यूजर्स से स्टेटस पोस्ट करने के लिए शुल्क लिया जाएगा। यानी आप जैसे अभी फोटो, वीडियो या टेक्स्ट स्टेटस फ्री में लगाते हैं, वैसे ही आगे भी लगा पाएंगे।
जो बदलाव आने की संभावना है, वह “पेड फीचर” नहीं बल्कि विज्ञापन आधारित मॉडल से जुड़ा है। मतलब:
- Status के बीच-बीच में ब्रांड्स के स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिख सकते हैं।
- बिज़नेस अकाउंट्स अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करने के लिए पेड स्टेटस चला सकते हैं।
- आम यूजर से कोई सीधा पैसा नहीं लिया जाएगा।
फिर “WhatsApp Free नहीं रहेगा” वाली बात क्यों?
दरअसल, डिजिटल प्लेटफॉर्म आज सिर्फ फ्री सर्विस नहीं, बल्कि डेटा और विज्ञापन पर आधारित इकोसिस्टम बन चुके हैं। जब यूजर को किसी सेक्शन में ऐड दिखते हैं, तो लोगों को लगता है कि ऐप अब “फ्री” नहीं रहा, जबकि असल में पैसे कंपनी को ब्रांड्स से मिलते हैं, यूजर्स से नहीं।
Meta पहले ही साफ कर चुका है कि:
- पर्सनल चैट्स एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगी।
- मैसेज भेजने, कॉल करने या स्टेटस लगाने के लिए कोई सब्सक्रिप्शन फीस नहीं होगी।
- कमाई का रास्ता बिज़नेस टूल्स और विज्ञापन होंगे, न कि आम यूजर की जेब।







