मेरठ। सोशल मीडिया पर अपनी कॉमेडी और ’10 रुपये वाला बिस्किट कितने का है जी’ वाले वीडियो से मशहूर हुए यूट्यूबर और इंफ्लुएंसर शादाब जकाती एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र में रविवार को अपने नए ज्वेलरी शोरूम के उद्घाटन के दौरान भारी भीड़ जुटाने और ट्रैफिक बाधित करने के आरोप में पुलिस ने शादाब के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
उद्घाटन के नाम पर ‘रोड शो’, घंटों लगा रहा जाम
जानकारी के अनुसार, रविवार (26 अप्रैल 2026) को शादाब जकाती ने मेरठ के हापुड़ रोड स्थित ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स में ‘जकाती ज्वेलर्स’ के नाम से अपना शोरूम खोला था। उद्घाटन कार्यक्रम में क्रिकेटर रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह समेत कई हस्तियों के पहुंचने की खबर थी, जिसके चलते भारी संख्या में उनके प्रशंसक वहां पहुंच गए।
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पुलिस का आरोप है कि इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति के निकाले गए इस ‘रोड शो’ की वजह से हापुड़ रोड पर घंटों लंबा जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
शोरूम के बाहर करीब 2,000 लोगों की अनियंत्रित भीड़ जमा हो गई थी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब सेलिब्रिटी को देखने की होड़ में भगदड़ जैसे हालात बन गए। मौके पर पहुंची नौचंदी पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को वहां से खदेड़ा गया। पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने और धारा 163 (निषेधाज्ञा उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया है।
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शादाब जकाती का विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब शादाब जकाती कानूनी घेरे में आए हों।
- पिछला मामला: हाल ही में मार्च 2026 में उन पर एक महिला इंफ्लुएंसर ने मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
- ताजा अपडेट: सोमवार को शादाब जकाती खुद नौचंदी थाने पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस से माफी मांगी। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें थाने से जमानत दे दी गई।
पुलिस की चेतावनी
एसपी सिटी मेरठ ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का अर्थ यह नहीं है कि कोई कानून को अपने हाथ में ले ले। सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के इस तरह के आयोजन जनता की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इसमें आयोजकों की ओर से जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।







