राजस्थान के बाड़मेर में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और लोकप्रिय भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच का विवाद अब कानूनी रंग ले चुका। एक कैंसर पीड़ित बच्चे के वीडियो पर रावणा की टिप्पणी से भड़की आग ने विधायक के खिलाफ FIR करा दी। रावणा समाज के लोग सड़कों पर उतर आए, जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री नाम ज्ञापन सौंपा। यह सिर्फ व्यक्तिगत ठीक-ठाक नहीं, बल्कि सियासत और लोक संस्कृति के टकराव की कहानी।
बच्चे के वीडियो ने भड़काया बवाल
विवाद की जड़ एक मासूम कैंसर बच्चे का वीडियो। रावणा ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की, जिसे विधायक भाटी ने गलत ठहराया। बात फोन पर पहुंची, जहां रावणा का दावा है कि आधी रात को धमकी मिली—”तुझे दो बार छोड़ दिया।” भाटी ने इसे साजिश बताया। सोशल मीडिया पर कीबोर्ड वॉर छिड़ गया, वीडियो वायरल। रावणा ने सौगात खाते हुए कहा अब ज्वाला बन जाएगी ये अलख।
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FIR में गंभीर धाराएं
शिव थाने में छोटू सिंह रावणा की शिकायत पर भाटी समेत 6 के खिलाफ बीएनएस धाराओं में मुकदमा दर्ज। धमकी, परिवार की महिलाओं का अपमान जैसे आरोप। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। रावणा समाज ने प्रदर्शन किया, कहा हमारी संस्कृति पर हमला। भाटी ने सफाई दी कि जिम्मेदार पद पर कोई गलत नहीं करता। लेकिन सवाल वही कमेंट से धमकी तक का सफर इतना तेज कैसे?
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सियासी समीकरणों पर असर
शिव से निर्दलीय विधायक भाटी युवा आइकॉन हैं, लेकिन पहले भी विवादों में रहे। रावणा मरवार का लोक सितारा, समाज का बड़ा चेहरा। यह ठन गंगा राजनीति बनाम कला। पश्चिमी राजस्थान में जहरीला माहौल। क्या यह भाटी की सियासी चमक फीकी करेगा? या रावणा समाज का गुस्सा और भड़केगा? बाड़मेर की सड़कों पर तनाव।
भविष्य की जंग का संकेत
रावणा बोले “वे जेल जाएंगे।” भाटी चुप्पी साधे। पुलिस जांच, समाजिक बहिष्कार की आशंका। मरवार की यह लड़ाई लोक संस्कृति को राजनीतिक रंग दे रही। रामनाथ गोयनका पुरस्कार से सम्मानित पत्रकार के नजरिए से देखें तो यह सिर्फ दो लोगों का विवाद नहीं राजस्थान की सियासत और परंपरा के बीच की खाई उजागर कर रहा। अब कोर्ट बोलेगा।







