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भोपाल में शिक्षकों का महासंग्राम TET विसंगतियों को लेकर DPI का घेराव

By: डिजिटल डेस्क

On: Wednesday, April 8, 2026 5:29 PM

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भोपाल | 8 अप्रैल, 2026 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर शिक्षित बेरोजगारों और शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गई है। आज सुबह से ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के नियमों में बदलाव और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं की विसंगतियों को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के बाहर डेरा डाल दिया है। कड़कड़ाती धूप और बदलते मौसम के बीच, ‘हल्ला बोल’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा है।

मुख्य विवाद और शिक्षकों की मांगें

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का मुख्य विरोध TET के मौजूदा नियमों में निहित ‘मेरिट लिस्ट’ और ‘पदों की संख्या’ को लेकर है। शिक्षकों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से भर्ती प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है, जिससे पात्र उम्मीदवारों की उम्र निकली जा रही है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  • पदों में वृद्धि: वर्ग-1 और वर्ग-2 के खाली पड़े हजारों पदों पर तत्काल स्थायी भर्ती की जाए।
  • प्रतीक्षा सूची का निराकरण: जो उम्मीदवार वेटिंग लिस्ट (Waiting List) में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए।
  • नियमों में सरलीकरण: TET के जटिल नियमों और चयन प्रक्रिया की विसंगतियों को दूर कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
  • अनुभवी अतिथि शिक्षकों का समायोजन: वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के लिए स्पष्ट नीति और बोनस अंकों की व्यवस्था की जाए।

आंकड़े बयां कर रहे हैं हकीकत

आधिकारिक आंकड़ों और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में शिक्षकों के लगभग 60,000 से अधिक पद रिक्त हैं। 2018 और 2023 की पात्रता परीक्षाओं के बाद भी हजारों चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार बार-बार पात्रता परीक्षाएं तो आयोजित करती है, लेकिन वास्तविक नियुक्तियों का आंकड़ा मात्र 20-30% तक ही सिमट कर रह जाता है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे की राह

DPI के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि उन्हें अब ‘आश्वासन’ नहीं बल्कि ‘आदेश’ चाहिए। पुलिस बल ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर दी है, फिर भी शिक्षकों का जोश कम नहीं हो रहा है।शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि 48 घंटों के भीतर सरकार की ओर से कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तो वे राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

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