लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने न्याय प्रणाली और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दैनिक भास्कर की टीम द्वारा किए गए 3 महीने के लंबे स्टिंग ऑपरेशन में एक ऐसे गैंग का खुलासा हुआ है, जो निर्दोष पुरुषों को झूठे रेप, POCSO और नारकोटिक्स के मामलों में फंसाकर करोड़ों की उगाही कर रहा है।
20 लड़कियों की ‘फौज’ और खौफनाक साजिश
इस पूरे सिंडिकेट की मास्टरमाइंड सफलता पाठक नाम की एक महिला बताई जा रही है। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान सफलता ने कैमरे पर खुद स्वीकार किया कि उसके पास 20 से ज्यादा लड़कियों की टीम है, जिसमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर और रूह कंपा देने वाला है।
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गैंग का ‘वर्किंग मॉडल’ कुछ इस प्रकार है:
- मेडिकल सबूतों से छेड़छाड़: सबसे पहले लड़की का किसी अन्य व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनवाया जाता है ताकि मेडिकल जांच में स्पर्म और चोट के निशान जैसे ‘सबूत’ मिल सकें।
- टारगेट को फंसाना: इसके बाद उस लड़की का इस्तेमाल उस व्यक्ति (टारगेट) के खिलाफ किया जाता है जिससे पैसे वसूलने हों। लड़की उस व्यक्ति पर रेप या POCSO के तहत एफआईआर दर्ज कराती है।
- नारकोटिक्स का जाल: यदि कोई रेप केस में नहीं फंसता, तो उसकी कार में चुपके से ड्रग्स रखवाकर उसे नारकोटिक्स केस में जेल भिजवा दिया जाता है।
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रेट लिस्ट: नाबालिग के लिए 20 लाख, बालिग के लिए 18 लाख
सफलता पाठक ने वीडियो में अपनी ‘सर्विस’ की रेट लिस्ट का भी खुलासा किया।
- POCSO केस (नाबालिग लड़की): 20 लाख रुपये से अधिक।
- रेप केस (बालिग लड़की): 15 से 18 लाख रुपये।
- पुलिस सेटिंग: उसने दावा किया कि पुलिस में उसकी गहरी पैठ है और वह यूपी के किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज करा सकती है, जिससे आरोपी को जमानत मिलना नामुमकिन हो जाता है।
‘यूपी के 75 जिलों में कहीं भी ढूंढ लेंगे’
हैरान करने वाली बात यह है कि सफलता पाठक केवल पुरुषों को ही नहीं डराती, बल्कि अपने साथ काम करने वालों को भी धमकाती है। उसने वीडियो में कहा कि अगर कोई उसके साथ गद्दारी करता है, तो वह उसे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में कहीं भी छिपने नहीं देगी।
पुरुषों की सुरक्षा और कानून का दुरुपयोग
यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) और अब लागू हुए नए कानूनों के दुरुपयोग का एक ज्वलंत उदाहरण है। जहाँ एक ओर POCSO और रेप जैसे कड़े कानून महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं, वहीं सफलता पाठक जैसे लोग इन्हें उगाही का हथियार बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- सोशल मीडिया और अनजान कॉल्स से सावधान रहें।
- किसी भी संदिग्ध महिला या ग्रुप से मिलने से पहले सार्वजनिक स्थानों का चुनाव करें।
- यदि कोई ब्लैकमेल करे, तो डरे बिना तुरंत उच्चाधिकारियों से संपर्क करें।
अब जनता की मांग है कि इस गैंग पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और उन पुलिसकर्मियों की भी जांच हो जो इस काली कमाई में सफलता पाठक के मददगार बने हुए थे। यह खुलासा समाज के लिए एक चेतावनी है कि सतर्कता ही बचाव है।







