कोलकाता, 25 मार्च 2026: जनवरी का वो हंगामेदार दिन याद है जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ED के छापे के बीच I-PAC के दफ्तर पहुंचीं और दस्तावेज-लैपटॉप हटाने का आरोप लगा? मामला कोलकाता हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां जस्टिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई ‘फेडरलिज्म का ढोंग बंद करो’। कोयला तस्करी घोटाले की जांच को इससे नई गति मिली है।
जनवरी का हाईवोल्टेज ड्रामा ममता का अचानक हस्तक्षेप
8 जनवरी को ED ने I-PAC TMC का चुनावी ‘ब्रेन’ के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा। कोयला घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस था। तभी ममता अपनी पूरी टीम राज्य पुलिस समेत लेकर धमक आईं। ED का आरोप: स्टाफ ने फाइलें और हार्डडिस्क गाड़ियों में ठूंस दीं। ममता ने कहा, “ED TMC का डेटा चुरा रहा है।” कलकत्ता HC में ED ने FIR की, TMC ने पलटवार। मामला सुप्रीम कोर्ट गया।
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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख सिब्बल को फटकार
14 जनवरी की सुनवाई में जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच ने बंगाल सरकार, ममता और DGP को नोटिस जारी किया। ED अधिकारियों पर FIR रोक दी। कपिल सिब्बल ने कहा, “ED का दुरुपयोग हो रहा, फेडरलिज्म खतरे में।” कोर्ट भड़का: “ये ED का दुरुपयोग नहीं, आपकी राजनीति का ढोंग है। कोयला घोटाला करोड़ों का है, जांच क्यों रोकी?” सिब्बल को चुप कराया। कोर्ट ने CCTV फुटेज संरक्षित रखने को कहा। सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पलटवार किया ‘राज्य प्रायोजित बाधा’।
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ED का दावा सबूत छिपाए गए
ED के अनुसार, ममता का काफिला आते ही दस्तावेज गायब। वीडियो में साफ दिखा। I-PAC पर TMC चुनावों में काले धन का इस्तेमाल का इल्जाम। सुप्रीम कोर्ट ने माना केंद्र का अधिकार सुरक्षित। TMC चुप, लेकिन अंदरखाने हलचल।
राजनीतिक संदेश चुनावी जंग में नया मोर्चा
2026 चुनावों से पहले ये टकराव TMC-BJP की जंग तेज करेगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला PMLA की ताकत बढ़ाएगा। सिब्बल की फटकार ने विपक्ष को झटका दिया। कोयला घोटाले में बड़े नाम आ सकते हैं।
आगे क्या?
सुनवाई 3 फरवरी को। ED बिना रुकावट जांच करेगी। ममता सरकार ने स्टे मांगा, लेकिन कोर्ट सख्त। ये केस बताता है कानून से ऊपर कोई नहीं। कोयला घोटाले का पर्दाफाश होने में देर नहीं।







