नई दिल्ली। हमारे आसपास की दुनिया में कई ऐसी घटनाएं घटती हैं जिन्हें पहली नजर में देखने पर विज्ञान भी घुटने टेक देता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और अशचर्यचकित करने वाली खबर सुर्खियां बटोर रही है। दावा किया जा रहा है कि एक परिवार पिछले कई महीनों से अपने घर के एक बंद पड़े पुराने कमरे से आने वाली अजीबोगरीब आवाजों से परेशान था। जब उन्होंने इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए कमरे में नाइट-विजन सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगाया, तो जो सच सामने आया उसने न केवल मकान मालिक बल्कि इंटरनेट यूजर्स के भी होश उड़ा दिए।
आधी रात को कमरे में हलचल और अजीब साया
वायरल रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना एक पुराने पुश्तैनी मकान की है। परिवार के सदस्यों का कहना था कि हर रात ठीक 2 बजे से 3 बजे के बीच उस बंद कमरे के भीतर से किसी के चलने, भारी सामान खिसकने और फुसफुसाने की आवाजें आती थीं। शुरू में इसे चूहों या हवा का प्रभाव माना गया, लेकिन आवाजें लगातार बढ़ती चली गईं।
रात के 3 बजे हवा में उड़ता दिखा ‘सफेद साया’! फुटेज वायरल, दहशत में लोग
परेशान होकर जब मकान मालिक ने कमरे के भीतर मोशन-डिटेक्टर (गति पहचानने वाला) सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल किया, तो पहले ही दिन की रिकॉर्डिंग ने सबको सन्न कर दिया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आधी रात को पूरी तरह बंद और सील कमरे के भीतर रखी एक पुरानी कुर्सी अपने आप हिलने लगती है। यही नहीं, कैमरे के लेंस के सामने एक बेहद धुंधला, तैरता हुआ प्रकाशपुंज (Orb) दिखाई देता है जो कुछ ही सेकंड में पूरे कमरे में चक्कर काटकर गायब हो जाता है।
क्या यह पैरानॉर्मल घटना है या विज्ञान का कोई भ्रम?
इस वीडियो के इंटरनेट पर लीक होते ही तहलका मच गया है और अब तक इसे करोड़ों व्यूज मिल चुके हैं। इस घटना ने ‘अंधविश्वास बनाम विज्ञान’ की एक नई बहस को जन्म दे दिया है:
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- पैरानॉर्मल एक्सपर्ट्स का दावा: पैरानॉर्मल सोसाइटी के जानकारों का मानना है कि कई बार पुरानी इमारतों में कुछ खास तरह की ऊर्जा (Energy Resonances) कैद हो जाती है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड में गड़बड़ी पैदा करती है। कैमरे में दिखने वाला तैरता हुआ साया उसी का नतीजा हो सकता है।
- वैज्ञानिकों और टेक एक्सपर्ट्स का तर्क: दूसरी तरफ, वैज्ञानिकों और वीडियो फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने भूत-प्रेत के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि पुराने बंद कमरों में ‘थर्मल करंट’ (तापमान के उतार-चढ़ाव से पैदा होने वाली हवा) के कारण हल्की चीजें हिल सकती हैं। वहीं, कैमरे के इन्फ्रारेड लेंस के सामने तैरने वाले कण दरअसल कमरे में मौजूद धूल के बारीक कण (Dust Motes) होते हैं, जो रात के अंधेरे में कैमरे की लाइट पड़ने पर चमकीले साये जैसे दिखते हैं।
सच्चाई चाहे जो भी हो, लेकिन इस बंद कमरे के खौफनाक सीसीटीवी फुटेज ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और पैनिक न होने की अपील की है।







