भारतीय शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया। वैश्विक शांति की खबरों और सकारात्मक संकेतों के बीच दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त ‘बुल रन’ (Teji) देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) समझौते की खबर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। इसका सीधा असर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स पर दिखा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
बाजार का लेखा-जोखा आंकड़ों की जुबानी
आज बाजार खुलते ही खरीदारी का ऐसा दौर शुरू हुआ कि सेंसेक्स 2,900 अंक (लगभग 4%) से ज्यादा की छलांग लगाकर 77,600 के ऐतिहासिक स्तर के पार निकल गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी-50 भी पीछे नहीं रहा और इसने 24,000 का मनोवैज्ञानिक और महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया है।
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- सेंसेक्स की छलांग: +2,915 अंक (77,680 पर बंद)
- निफ्टी की बढ़त: +850 अंक (24,120 पर बंद)
- निवेशकों की संपत्ति: आज एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
क्यों आई यह ‘सुनामी’ जैसी तेजी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव का कम होना है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद जगी है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतें गिरने या स्थिर रहने से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को सबसे ज्यादा फायदा होता है।
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इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने आज बाजार में जमकर पैसा लगाया। पिछले दो सप्ताह से जारी अनिश्चितता खत्म होने के कारण बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में 5% से 8% तक की बढ़त दर्ज की गई।
इन शेयरों ने मारी बाजी
आज के कारोबार में ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज’, ‘HDFC बैंक’, ‘ICICI बैंक’ और ‘Infosys’ जैसे बड़े दिग्गजों ने बाजार को संभालने में मुख्य भूमिका निभाई। विशेष रूप से एनर्जी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों में भारी लिवाली देखी गई।
विशेषज्ञों की राय और सावधानी
आर्थिक सलाहकार सुमित मेहता का कहना है, “युद्धविराम के समझौते ने बाजार को वह ‘ऑक्सीजन’ दी है जिसकी उसे सख्त जरूरत थी। निफ्टी का 24,000 के ऊपर टिकना यह दर्शाता है कि अब बाजार में लंबी तेजी के संकेत हैं।” हालांकि, उन्होंने छोटे निवेशकों को यह सलाह भी दी है कि वे एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय सावधानी बरतें, क्योंकि युद्धविराम अभी केवल दो सप्ताह के लिए है।
शेयर बाजार की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी ने साबित कर दिया है कि वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिरता भारतीय बाजारों के लिए कितनी मायने रखती है। यदि यह शांति बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स 80,000 के जादुई आंकड़े को भी छू सकता है।







