मुंबई: सोमवार को बाजार बंद होने के बाद जारी हुए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के आंकड़ों ने शेयर बाजार के विश्लेषकों को सतर्क कर दिया है। पिछले कारोबारी सत्रों के दौरान FII द्वारा लगभग 8,048 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देने के लिए करीब 3,487 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भारी बिकवाली के बावजूद रात के व्यापारिक सत्रों में वैश्विक बाजारों (Global Markets) से मिल रहे स्थिरता के संकेतों ने कल के लिए एक सकारात्मक उम्मीद जगाई है।
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IT और बैंकिंग सेक्टर पर रहेगी नजर
बाजार के जानकारों के अनुसार, कल भारतीय बाजारों में दो प्रमुख सेक्टर आईटी (IT) और बैंकिंग नेतृत्व कर सकते हैं:
- आईटी सेक्टर: नैस्डैक (Nasdaq) में मजबूती और अमेरिकी तकनीकी शेयरों में उछाल के कारण टीसीएस (TCS), इंफोसिस और विप्रो जैसे शेयरों में खरीदारी का रुझान दिख सकता है।
- बैंकिंग सेक्टर: बैंक निफ्टी के लिए 55,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है। यदि सूचकांक इसके ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो निजी क्षेत्र के बैंकों में जोरदार रिकवरी देखी जा सकती है।
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कल के लिए मुख्य रेजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल
तकनीकी चार्ट्स के आधार पर विशेषज्ञों ने निफ्टी और बैंक निफ्टी के लिए निम्नलिखित स्तरों की पहचान की है:
| सूचकांक | प्रमुख सपोर्ट (Support) | प्रमुख रेजिस्टेंस (Resistance) |
| निफ्टी 50 | 24,000 | 24,250 – 24,350 |
| बैंक निफ्टी | 54,400 – 54,600 | 55,200 – 55,600 |
विशेषज्ञों की राय और चेतावनी
यूनिव्वेस्ट के वरिष्ठ शोध विश्लेषक अंकित जायसवाल के अनुसार, कल बाजार में एक ‘गैप-अप’ (Gap-up) ओपनिंग की संभावना है, लेकिन यह तेजी टिकेगी या नहीं, यह शुरुआती 45 मिनट के कारोबार पर निर्भर करेगा। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी अभी भी बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे रेजिस्टेंस लेवल के पास सावधानी बरतें और लंबी अवधि के निवेश के लिए केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों का चुनाव करें।







