भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया है। घरेलू बाजारों में जहां शुद्ध सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखा गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के कारण वायदा बाजार में जबरदस्त अस्थिरता (Volatility) का माहौल बना हुआ है।
घरेलू बाजार: ₹1,53,000 के पार निकला सोना
आज स्थानीय बाजारों में सोने की कीमतों में मिला-जुला लेकिन काफी हद तक ‘तेज’ रुख दर्ज किया गया। देश के कुछ प्रमुख महानगरों के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट (शुद्ध सोना) की कीमत ₹1,53,770 प्रति 10 ग्राम तक जा पहुँची। यह पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले लगभग 2.10% की भारी बढ़त है।
वहीं, 22 कैरेट सोने (जिसका उपयोग जेवर बनाने में अधिक होता है) के भाव भी उछलकर ₹1,40,950 प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू गए हैं। चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का रुझान देखा गया, जहां यह ₹1.90 लाख प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कारोबार कर रही है।
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क्यों हो रहा है कीमतों में इतना उतार-चढ़ाव?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस भारी उतार-चढ़ाव के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- वैश्विक तनाव और युद्धविराम: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम (Ceasefire) की खबरों से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थोड़ी कमी आई है। हालांकि, यह समझौता केवल दो सप्ताह के लिए है, इसलिए बाजार में ‘अनिश्चितता’ बरकरार है।
- रुपये की स्थिति: डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में हो रहे बदलाव का सीधा असर आयातित सोने की लागत पर पड़ रहा है।
- शादी-विवाह का सीजन: भारत में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे आभूषणों की मांग में घरेलू स्तर पर अचानक तेजी आई है।
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सांख्यिकीय नजरिया और आंकड़े
- दैनिक बढ़त: +₹3,160 (प्रति 10 ग्राम)
- साप्ताहिक रिटर्न: पिछले एक सप्ताह में सोने ने करीब 4.5% का रिटर्न दिया है।
- निवेशकों का रुख: डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश पिछले साल के मुकाबले 15% बढ़ा है।
खरीदारों के लिए विशेषज्ञ की सलाह
आर्थिक सलाहकार और कमोडिटी एक्सपर्ट के.पी. गुप्ता का कहना है, “सोना फिलहाल अपने उच्चतम स्तर के करीब है। जो लोग निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उन्हें कीमतों में थोड़ी गिरावट (Correction) का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, जो लोग शादी के लिए खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए हर गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खरीदारी करना ही सही रणनीति होगी।”
सोने की कीमतों में यह अस्थिरता आने वाले कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय शांति समझौतों की स्थिरता और केंद्रीय बैंकों के भंडार (Gold Reserve) संबंधी फैसले ही भविष्य में सोने की दिशा तय करेंगे|







