भारत अपनी विविधताओं में अनोखा देश है। यहां हर राज्य, हर गांव में कोई न कोई ऐसी परंपरा है जो लोगों को हैरान कर देती है। ऐसा ही कुछ आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के कुछ गांवों में देखने को मिलता है, जहां सदियों पुरानी एक अनोखी रस्म आज भी निभाई जाती है।
Denim dress for winter- लड़कियों में डेनिम ड्रेसेस का बढ़ रहा क्रेज, देखें सभी डिजाइन्स.
पुरुष पहनते हैं साड़ी, महिलाएं शर्ट-पैंट
इन गांवों में जब शादी होती है, तो रस्मों के दौरान एक दिलचस्प परंपरा निभाई जाती है। दूल्हा दुल्हन की तरह साड़ी, गहने, चूड़ियां और फूलों से सजा रूप धारण करता है, जबकि दुल्हन शर्ट, पैंट और पारंपरिक पुरुषों जैसी केश-सज्जा अपनाती है। इसे वहां की लोक आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा माना जाता है।
परंपरा के पीछे धार्मिक मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह रस्म देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए निभाई जाती है। कहा जाता है कि स्त्री और पुरुष के रूपांतरण का भाव द्वंद्व को मिटाने और समानता का प्रतीक है। पुराने समय में गांव के पुजारी और बुजुर्ग यह मानते थे कि ऐसा करने से विवाह करने वाले जोड़े पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और उनका जीवन सुखमय होता है।
Short Woolen Skirts for Girls- विंटर पार्टी के लिए कूल और ट्रेंडी वुलन स्कर्ट स्टाइल,
आधुनिक समय में भी कायम है परंपरा
भले ही समय बदल गया है और आधुनिक सोच ने समाज में कई बदलाव ला दिए हैं, लेकिन प्रकाशम जिले के ये गांव आज भी इस परंपरा को दिल से निभाते हैं। यहां के लोग इसे अपनी पहचान और संस्कृति का अहम हिस्सा मानते हैं। शादी के समय जब लोग रूप बदलकर यह रस्म निभाते हैं, तो वातावरण में उत्सव और आनंद का माहौल भर जाता है।







