Premanand Maharaj pravachan counter machine se naam jap- हाल के समय में नाम जप के लिए काउंटर मशीनों का चलन तेजी से बढ़ा है। ये छोटे डिजिटल डिवाइस होते हैं जिन्हें उंगली में पहनकर या हाथ में पकड़कर नाम जप की गिनती की जाती है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने भी नाम जप के इस तरीके को स्वीकार किया है। उनका मानना है कि नाम जप आपकी जुबान द्वारा किया जाता है, काउंटर केवल गिनती का माध्यम है, इसलिए इसका उपयोग करने में कोई हानि नहीं है। अगर कोई व्यक्ति माला का उपयोग नहीं कर पाता तो काउंटर मशीन से नाम जप कर सकता है, जिससे आध्यात्मिक फल प्राप्त हो सकता है।
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तुलसी माला बनाम काउंटर मशीन
हालांकि काउंटर मशीन का इस्तेमाल सुविधाजनक माना जाता है, पर तुलसी माला के आध्यात्मिक महत्त्व को संतों ने हमेशा प्राथमिकता दी है। तुलसी माला से नाम जप करने से मन की शांति और ध्यान की गहराई अधिक होती है। तुलसी के मनकों के संपर्क से आध्यात्मिक चेतना में वृद्धि होती है, जिससे साधक जल्दी सिद्धि प्राप्त कर सकता है। वहीं काउंटर मशीन में नाम जप की गिनती होती है, लेकिन उसमें मन की एकाग्रता और भावनाओं की गहराई तुलसी माला जितनी नहीं होती। इसलिए अगर शुद्ध भक्ति की चाह हो तो तुलसी माला से नाम जप करना अधिक शुभ माना जाता है।
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काउंटर मशीन का उपयोग क्यों बढ़ा?
दिनचर्या की भागदौड़ में कई भक्तों के लिए तुलसी माला से नाम जप करना मुश्किल होता है क्योंकि माला की उचित संख्या की गिनती रखना और माला के मनकों को सहजता से फेरी से पकड़ना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी कारण कई लोग अब उंगली में पहने जाने वाले फिंगर काउंटर या डिजिटल काउंटर का सहारा ले रहे हैं। यह डिवाइस छोटा और सरल होता है, जिसमें हर बार बटन दबाने पर गिनती बढ़ती जाती है। इसके उपयोग से दिन भर के नाम जप की संख्या का सटीक हिसाब रखा जा सकता है। प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली को भी इस काउंटर डिवाइस के साथ देखा गया है, जो इस प्रथा की लोकप्रियता का संकेत है।







