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लाल बत्ती वाली XUV और ‘IAS’ का रौब, तीन बहनें मिलकर करोड़ों की ठगी

By: डिजिटल डेस्क

On: Tuesday, April 28, 2026 11:30 PM

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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से जालसाजी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। खुद को IAS और PCS अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं को ठगी का शिकार बनाने वाली मास्टरमाइंड विप्रा शर्मा और उसकी दो बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पढ़ी-लिखी ‘मास्टरमाइंड’ और ठगी का हाईटेक तरीका

गिरफ्तार की गई मुख्य आरोपी विप्रा शर्मा कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह डबल एमए और पीएचडी (Ph.D) धारक है। उसने साल 2020 तक यूपीएससी (UPSC) की तैयारी भी की थी। जब अंतिम प्रयास में भी सफलता नहीं मिली, तो उसने अपनी शिक्षा का इस्तेमाल अपराध की दुनिया में करने का फैसला किया।

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विप्रा ने अपनी सगी बहन शिखा पाठक और ममेरी बहन दीक्षा पाठक के साथ मिलकर एक गैंग बनाया। वह खुद को कभी IAS तो कभी वरिष्ठ PCS अधिकारी के रूप में पेश करती थी। लोगों पर रौब जमाने के लिए वह ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ और ‘ADM F/R’ लिखी हुई XUV गाड़ी में घूमती थी, ताकि किसी को जरा भी शक न हो।

नौकरी का झांसा और फर्जी ‘सैलरी’ का खेल

इस गिरोह ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अपना शिकार बनाया। ठगी को असली दिखाने के लिए ये बहनें बेहद शातिर तरीका अपनाती थीं:

  • पत्राचार: वे पोस्ट ऑफिस के माध्यम से फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजती थीं।
  • फर्जी वेतन: युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए जॉइनिंग के बाद एक-दो महीने तक उनकी जेब से ‘वेतन’ भी जारी किया जाता था।
  • सरकारी ठप्पा: बातचीत और पहनावा पूरी तरह किसी उच्च अधिकारी जैसा होता था।

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पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

बरेली पुलिस ने इस पूरे नेक्सस का भंडाफोड़ करते हुए तीनों बहनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की छापेमारी में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

  • नकद: ₹4.5 लाख कैश बरामद।
  • बैंक बैलेंस: आरोपियों के बैंक खातों में जमा ₹55 लाख को पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है।
  • अन्य सामान: फर्जी स्टीकर लगी XUV गाड़ी, चेक बुक्स, पास बुक्स और 4 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

पुलिस की अपील

बरेली पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक दर्जनों युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की है। पुलिस अब उन संपत्तियों की जांच कर रही है जो ठगी के पैसों से बनाई गई थीं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी के नाम पर नकद पैसे न दें और आधिकारिक चयन प्रक्रियाओं पर ही भरोसा करें।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ठग अब हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल और शिक्षा का सहारा लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

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