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 ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला, शिक्षक भर्ती में अंग्रेजी विषय जरूरी

By: डिजिटल डेस्क

On: Wednesday, May 20, 2026 12:18 PM

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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षक भर्ती नियमों को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में मिडिल स्कूल शिक्षक (वर्ग-2) पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी के स्नातक स्तर पर ‘अंग्रेजी’ विषय होना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता होने से भर्ती नियमों में निर्धारित मूल पात्रता समाप्त नहीं हो जाती।

यह मामला उन अभ्यर्थियों की याचिकाओं से जुड़ा था, जिन्होंने स्नातक में अंग्रेजी विषय न होने के बावजूद उच्च शिक्षा और अन्य योग्यताओं के आधार पर नियुक्ति की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उन्होंने बाद में उच्च स्तर पर अंग्रेजी का अध्ययन किया है, इसलिए उन्हें पात्र माना जाना चाहिए। हालांकि राज्य सरकार ने इसे भर्ती नियमों के खिलाफ बताते हुए अदालत में विरोध किया।

डबल बेंच ने सरकार के पक्ष को दी मान्यता

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित पात्रता शर्तों का पालन सभी अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से जरूरी है। कोर्ट ने माना कि मिडिल स्कूल स्तर पर अंग्रेजी पढ़ाने के लिए स्नातक स्तर पर विषय का अध्ययन आवश्यक योग्यता का हिस्सा है।

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अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उच्च योग्यता (Higher Qualification) स्वतः ही मूल पात्रता (Essential Qualification) का विकल्प नहीं बन सकती। यदि भर्ती नियमों में किसी विशेष विषय का उल्लेख किया गया है, तो उसका पालन अनिवार्य होगा।

हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा असर

इस फैसले का सीधा प्रभाव प्रदेश के हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है, जो लंबे समय से नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे थे। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में भी एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार बनेगा।

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विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत के इस फैसले से भर्ती नियमों में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होगी। साथ ही यह संदेश भी गया है कि सरकारी नौकरियों में निर्धारित पात्रता शर्तों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

शिक्षा विभाग के लिए भी अहम संकेत

कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की अन्य सरकारी भर्तियों में भी ‘अनिवार्य योग्यता बनाम उच्च योग्यता’ के विवादों में मार्गदर्शक साबित हो सकता है। शिक्षा विभाग अब आगामी भर्ती विज्ञापनों में पात्रता संबंधी नियमों को और स्पष्ट रूप से उल्लेखित कर सकता है।

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