बस्ती (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसके तार सरहद पार नेपाल से जुड़े हैं। यह गिरोह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहा था, बल्कि इनका जाली नोट खपाने का तरीका इतना शातिराना था कि पुलिस भी दंग रह गई। अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹4,20,000 के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
नेपाल से सप्लाई और बस्ती में ‘जाल’
बस्ती पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने एक सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुस्तफा, नबीउल्लाह, नबीउल्लाह उस्मानी, हबीबुर्रहमान और मणिकांत चौधरी को धर दबोचा। इस गिरोह का मास्टरमाइंड मणिकांत चौधरी है, जो नेपाल का निवासी है।
मणिकांत ही वह मुख्य कड़ी है जो नेपाल सीमा के रास्ते उच्च गुणवत्ता वाले ₹500, ₹200 और ₹100 के जाली नोट भारत लाता था। ये नोट दिखने में इतने असली हैं कि कोई आम दुकानदार या व्यक्ति पहली नजर में धोखा खा जाए।
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शातिराना चाल: महिलाओं को बनाया ‘हथियार’
गिरोह की सबसे हैरान करने वाली बात उनकी ‘Modus Operandi’ यानी काम करने का तरीका है। ये नटवरलाल खुद बाजार में नोट देने नहीं जाते थे, बल्कि इन्होंने देहात की गरीब और भोली-भाली महिलाओं को अपना ‘मोहरा’ बनाया था।
- साजिश का ताना-बाना: गिरोह के सदस्य गांव की महिलाओं को थोड़े से कमीशन का लालच देते थे। उन्हें ₹500 का नकली नोट देकर कहा जाता था कि वे बाजार या मेलों से छोटे-मोटे सामान (जैसे सब्जी या किराना) खरीद कर लाएं।
- पकड़े जाने का जीरो रिस्क: महिलाओं पर आमतौर पर पुलिस या दुकानदार शक नहीं करते। इसी का फायदा उठाकर ये आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों में जाली करेंसी को धीरे-धीरे सिस्टम में उतार रहे थे।
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बरामदगी का पूरा लेखा-जोखा
पुलिस ने आरोपियों के पास से जो जखीरा बरामद किया है, वह चौंकाने वाला है:
- कुल बरामद जाली नोट: ₹4,20,000
- करेंसी के प्रकार: ₹500, ₹200 और ₹100 के नए नोट।
- गिरफ्तार सदस्य: 05 (नेपाली नागरिक सहित)।
पुलिस की अपील: आप भी रहें सावधान
बस्ती पुलिस अधीक्षक ने इस कामयाबी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस गिरोह के पकड़े जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी पर लगाम लगेगी। हालांकि, उन्होंने जनता के लिए एक ‘रेड अलर्ट’ भी जारी किया है:
- नोट की पहचान: ₹500 और ₹200 के नोट लेते समय वाटरमार्क और सिक्योरिटी थ्रेड की जांच जरूर करें।
- संदेह होने पर सूचना: यदि कोई अनजान व्यक्ति छोटे सामान के बदले बड़े नोट दे या महिलाओं/बच्चों के जरिए नोट खपाने की कोशिश करे, तो तुरंत ‘112’ पर कॉल करें।
सभी पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट के तार यूपी के और किन-किन शहरों से जुड़े हैं।







