भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार समेत 18 राज्यों में भारी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 3-4 अप्रैल को चरम प्रभाव देखने को मिलेगा, जब 50-70 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं और बड़े ओले गेहूं व सरसों जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दोहरी मार की तैयारी
पहला विक्षोभ अभी जोर पकड़ चुका है, वहीं 7 अप्रैल से दूसरा सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत पर दस्तक देगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि संभावित है, जो पेड़ों को उखाड़ फेंक सकती है और बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित कर सकती है।
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फसलों पर संकट गहराया
पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान व पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि ने हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद कर दीं, तो उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में 4,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। किसान नेता आशंका जता रहे हैं कि लगातार नमी से अनाज की गुणवत्ता गिरने से बाजार में भाव टूट सकते हैं।
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प्रभावित राज्य स्पष्ट
अलर्ट इन राज्यों पर है- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्य जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा व पश्चिम बंगाल। दक्षिण भारत में भी हल्की बारिश व बौछारें जारी रहेंगी।
सुरक्षा के उपाय जरूरी
विभाग ने किसानों से फसल कटाई शीघ्र पूरी करने, उन्हें ढकने व हैल नेट का इस्तेमाल करने को कहा है। शहरी निवासियों को घर में रहने, विद्युत उपकरण बंद रखने व जल स्रोतों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। दिल्ली में आज शाम से हल्की फुहारों संग 30-50 किमी/घंटा हवा का दौर शुरू हो सकता है।







