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पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी पति पर कानूनी शिकंजा, अब सत्र न्यायालय में चलेगा मामला

By: डिजिटल डेस्क

On: Tuesday, May 12, 2026 1:39 AM

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singrauli-murder-case-chandan-shrivastava-court-transfer-bns-103-सिंगरौली जिले के नवानगर थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही तेज हो गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, वैढन (मुख्यालय) तनु गुप्ता की अदालत ने आरोपी चंदन श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज हत्या के मामले को विचारण के लिए प्रधान सत्र न्यायाधीश महोदय, सिंगरौली के न्यायालय में उपार्पित (Committal) कर दिया है ।

शराब के नशे में बेरहमी से मारपीट का मामला

घटनाक्रम के अनुसार, नवानगर निवासी चंदन श्रीवास्तव पर अपनी पत्नी सपना पनिका की हत्या का संगीन आरोप है । अभियोजन के मुताबिक, यह घटना 16 नवंबर, 2025 की रात करीब 07:30 बजे की है । मृतिका की बेटी इशिका श्रीवास्तव ने अपने बयानों में खुलासा किया कि घटना के समय आरोपी चंदन शराब के नशे में धुत था ।

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विवाद के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे जमीन पर पटक दिया और हाथ-मुक्कों व लातों से उसके पेट और शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर प्रहार किए । पिटाई के कारण सपना की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे पहले जिला अस्पताल सिंगरौली और फिर गंभीर अवस्था में रीवा स्थित संजय गांधी चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई ।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत कार्यवाही

पुलिस थाना नवानगर ने इस मामले में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1) (जो हत्या के अपराध के लिए दंड का प्रावधान करती है) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था ।

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विवेचना के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं:

  • शव परीक्षण रिपोर्ट (Post Mortem): इसमें मृत्यु का कारण मारपीट से लगी चोटें बताया गया है ।
  • चश्मदीद गवाह: मृतिका की पुत्री इशिका के बयान ।
  • दस्तावेजी साक्ष्य: घटनास्थल का नक्शा और जप्ती पत्रक ।

सत्र न्यायालय को स्थानांतरित हुआ केस

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि धारा 103(1) BNS के तहत विचारण का अनन्य अधिकार केवल सत्र न्यायाधीश (Sessions Judge) के पास है । इसी के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय को भेज दिया है ।

आरोपी वर्तमान में न्यायिक निरोध में जेल में बंद है । न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि आगामी 07 मई, 2026 को आरोपी को व्यक्तिगत रूप से प्रधान सत्र न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित किया जाए । इस मामले में शासन की ओर से एडीपीओ श्री कौशलेश पटेल पैरवी कर रहे हैं ।

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