वैढन, सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला मुख्यालय वैढन स्थित सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अपनी पत्नी (बिना विवाह के साथ रह रही महिला) की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है । सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार खंडेलवाल की अदालत ने आरोपी अंजनी साकेत को धारा 302 भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत हत्या का दोषी पाया है ।
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 15 मार्च 2024 की शाम करीब 6:30 बजे ग्राम पोड़ीपाठ, थाना लंघाडोल की है । आरोपी अंजनी साकेत अपनी पहली पत्नी के छोड़कर चले जाने और दूसरी पत्नी की मृत्यु (जहर खाने से) के बाद मृतिका बिंदिया साकेत के साथ पिछले 2-3 वर्षों से पत्नी के रूप में रह रहा था ।
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घटना वाले दिन आरोपी को शंका हुई कि बिंदिया किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात कर रही है । इसी चरित्र शंका के चलते आरोपी उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर उसके मायके छोड़ने के बहाने ले गया और किरका जंगल के पास नाले में डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी । हत्या के बाद वह शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पुख्ता किया मामला
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, आरोपी का मेमोरेंडम कथन और घटना में प्रयुक्त डंडा व मोटरसाइकिल जप्त की थी ।
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- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: डॉ. सुषमा साहू के अनुसार, मृतिका के सिर पर गंभीर चोटें थीं और पैराइटल बोन में फ्रैक्चर पाया गया था । अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मृत्यु हुई ।
- DNA और FSL: पुलिस ने आरोपी के कपड़ों पर लगे खून के धब्बे और मृतिका के डीएनए नमूनों को जांच के लिए सागर स्थित लैब भेजा था, जिसकी रिपोर्ट ने अपराध की पुष्टि की ।
अदालत का फैसला
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत 12 साक्ष्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों को आधार मानते हुए आरोपी अंजनी साकेत को निर्दोष नहीं पाया । अदालत ने माना कि आरोपी ने पूर्व नियोजित तरीके से मृतिका को एकांत स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या की । 21 अप्रैल 2026 को सुनाए गए इस निर्णय में आरोपी को कड़ी सजा दी गई है ।







