इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए सोशल मीडिया पर रातों-रात सनसनी बनी मध्य प्रदेश की मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला उनके किसी वीडियो का नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी और कानूनी लड़ाई से जुड़ा है। मोनालिसा ने अपने अंतरधार्मिक विवाह को लेकर चल रहे भारी विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों जाना पड़ा कोर्ट?
मोनालिसा भोसले ने हाल ही में केरल के रहने वाले फरमान खान के साथ अंतरधार्मिक विवाह (Inter-faith Marriage) किया है। इस शादी के बाद से ही उनका परिवार और कई संगठन इस विवाह का विरोध कर रहे हैं।
हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में मोनालिसा ने बेहद चौंकाने वाले और गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता और कुछ अन्य प्रभावशली लोगों ने उनकी इस शादी को जबरन ‘आपराधिक और कानूनी रूप से विवादित’ बनाने के लिए एक बड़ी साजिश रची है। याचिका के मुताबिक, उनके परिजनों ने सरकारी पोर्टल और दस्तावेजों के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की है।
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‘नाबालिग’ साबित करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर
मोनालिसा का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड्स में हेराफेरी करके उनके जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को बदल दिया गया है, ताकि कागजों पर उन्हें ‘नाबालिग’ साबित किया जा सके। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके पति फरमान खान के खिलाफ अपहरण और गंभीर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कराकर उन्हें जेल भिजवाया जा सके।
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मोनालिसा की मांगें:
- इंदौर हाई कोर्ट उनके मूल और वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र को तुरंत बहाल करने का आदेश जारी करे।
- सरकारी डिजिटल पोर्टल पर दस्तावेजों के साथ हुई इस छेड़छाड़ की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- उन्हें और उनके पति को सुरक्षा प्रदान की जाए, क्योंकि उन्हें जान का खतरा है।
कानूनी विशेषज्ञों की नजर
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि सरकारी पोर्टल से छेड़छाड़ और जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी के आरोप सच साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर एक गंभीर आपराधिक श्रेणी का मामला बनता है। इस मामले में डिजिटल फॉरेंसिक जांच की भूमिका अहम होगी।
इंदौर हाई कोर्ट इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई कर सकता है, जिसके बाद संबंधित विभाग और मोनालिसा के परिजनों से जवाब तलब किया जा सकता है। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक में हलचल पैदा कर दी है।







