नई दिल्ली-उत्तर और मध्य भारत में मई महीने की गर्मी अब आम लोगों के लिए आफत बन चुकी है। मैदानी इलाकों में सूरज की सीधी तपिश और सूखी पछुआ हवाओं ने मिलकर पूरे क्षेत्र को तंदूर की तरह तपा दिया है। देश की राजधानी दिल्ली और मध्य प्रदेश (MP) के कई जिलों में तापमान ने इस सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45 डिग्री सेल्सियस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले 5 दिनों तक भीषण लू (Severe Heatwave) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में सीजन का सबसे गर्म हफ्ता, रिज एरिया में पारा 46.5°C
सफदरजंग मौसम केंद्र के मुताबिक, दिल्ली में इस हफ्ते सीजन की सबसे भयानक गर्मी दर्ज की गई है। जहां सफदरजंग में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं दिल्ली के रिज (Ridge) इलाके में यह 46.5 डिग्री सेल्सियस और मुंगेशपुर में 46.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ (कंक्रीट के जंगलों और सड़कों द्वारा गर्मी सोखना) की वजह से घनी आबादी वाले इलाकों में रात के समय भी तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे राहत नहीं मिल पा रही है।
मध्य प्रदेश भी भट्टी की तरह तपा
दिल्ली की ही तरह मध्य प्रदेश का हाल भी बेहाल है। ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड और नौगांव जैसे क्षेत्रों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन ठप कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 मई तक तापमान में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
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प्रशासन मुस्तैद: मजदूरों को बांटी जा रही ‘समर किट’
इस भीषण गर्मी का सबसे बुरा असर खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ रहा है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
राहत कार्य: सरकार की ओर से मजदूरों को ‘समर किट’ बांटी जा रही है, जिसमें ओआरएस (ORS) पैकेट, ग्लूकोज, पानी की बोतलें और सिर ढकने के लिए कैप शामिल हैं। साथ ही, नियोक्ताओं को दोपहर के सबसे गर्म घंटों में काम रोकने या शिफ्ट बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टरों की सलाह: ‘हीट स्ट्रोक’ से ऐसे बचें
अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
- दोपहर में निकलने से बचें: सुबह 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो, तो घर से बाहर न निकलें।
- हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी लगातार पानी, छाछ, नींबू पानी या ओआरएस का घोल पीते रहें।
- सूती कपड़े पहनें: हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
मौसम विभाग के अनुसार, मई के आखिरी हफ्ते में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के बाद ही तापमान से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है। तब तक लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।







