सिंगरौली। मध्य प्रदेश की ऊर्जा राजधानी के रूप में विख्यात सिंगरौली जिले को विकास के नए शिखर पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। ‘सिंगरौली महोत्सव और नगर गौरव दिवस’ के विशेष मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के लिए एक वृहद और दूरगामी ‘मास्टर प्लान’ तैयार करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सिंगरौली की पहचान केवल कोयला खदानों और बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे प्रदेश के सबसे आधुनिक और विकसित जिलों में शुमार किया जाएगा।
हरित विकास का संकल्प: एनटीपीसी परिसर में रोपा गया पौधा
सिंगरौली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का एक मजबूत संदेश दिया। औद्योगिक गतिविधियों के बीच प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा:
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“औद्योगिक तरक्की और पर्यावरण सुरक्षा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सिंगरौली जैसे बड़े औद्योगिक बेल्ट में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और जैव विविधता को सहेजने के लिए ‘हरित पहल’ (Green Initiatives) हमारी प्राथमिकता है। स्थानीय उद्योगों को भी आगे बढ़कर इस मुहिम में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।”
प्रतिभाओं और संसाधनों का धनी है यह क्षेत्र
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सिंगरौली की जनता की मेधा और यहां की प्राकृतिक संपदा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल जमीन के नीचे छिपे खनिजों से समृद्ध है, बल्कि बौद्धिक स्तर पर भी बेहद अव्वल है। मध्य प्रदेश की मेरिट लिस्ट में यहां के होनहार छात्र लगातार अपनी जगह बना रहे हैं। युवाओं के इसी कौशल को सही दिशा देने के लिए सरकार स्थानीय स्तर पर रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के नए द्वार खोल रही है।
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कैसा होगा सिंगरौली का नया ‘मास्टर प्लान’?
प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत सिंगरौली जिले की पूरी रूपरेखा को बदला जाएगा। इसमें निम्नलिखित विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी:
- अत्याधुनिक और मजबूत सड़कों का जाल बिछाना।
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए चिकित्सा संस्थानों की स्थापना।
- युवाओं के लिए बड़े खेल परिसर (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) का निर्माण।
- उच्च शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास केंद्रों की शुरुआत।
सादगी की भी हुई चर्चा: इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की सादगी ने भी सबका ध्यान खींचा, जब वे अपने भारी-भरकम वीआईपी प्रोटोकॉल को छोड़कर स्थानीय मंत्रियों और जनपदों के साथ एक सामान्य बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सरकार का दावा है कि इस नए विजन के लागू होने के बाद सिंगरौली आने वाले समय में प्रदेश का नंबर वन जिला बनकर उभरेगा।







