नई दिल्ली:-देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस समय सूरज की तपिश और भीषण गर्मी की चपेट में है। उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में आसमान से आग बरस रही है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने देश के 10 राज्यों के लिए अगले एक सप्ताह तक भीषण लू (Severe Heatwave) का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। दोपहर के समय गर्म हवाओं यानी ‘लू’ के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।
बांदा में टूटा रिकॉर्ड, दिल्ली-लखनऊ में 46 डिग्री की आशंका
मौसम विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा जिला इस समय देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, राजस्थान के थार रेगिस्तानी इलाकों और हरियाणा में भी पारा 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
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मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिल्ली-NCR, लखनऊ और पटना जैसे प्रमुख शहरों में अगले दो से तीन दिनों के भीतर तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के समय भी न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
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प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य
मौसम विभाग ने जिन 10 राज्यों में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश
- राजस्थान और गुजरात
- दिल्ली-NCR और हरियाणा
- पंजाब, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़
चिंता की बात: अरब सागर का नया सिस्टम और मानसून पर असर
एक तरफ जहां उत्तर भारत जल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम वैज्ञानिक एक नई चिंता को लेकर आगाह कर रहे हैं। अरब सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं की गति को कमजोर कर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो दक्षिण भारत, विशेषकर केरल के तटीय इलाकों में शुरुआती मानसूनी बारिश उम्मीद से कम हो सकती है, जो कृषि और जलाशयों के लिए ठीक नहीं है।
पहाड़ी राज्यों में राहत की उम्मीद
मैदानी इलाकों में जारी इस हाहाकार के बीच पहाड़ी राज्यों से थोड़ी राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों के दौरान हल्की आंधी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इससे पहाड़ी इलाकों के तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन मैदानी राज्यों को फिलहाल इस तपिश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।
मौसम विभाग की सलाह: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के रंग के सूती कपड़ों का प्रयोग करें।






