मध्य भारत के औद्योगिक इलाकों में मजदूरों की सुरक्षा और कामकाजी हालात को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के बधौरा स्थित एक निजी पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूर की मौत के बाद शनिवार सुबह माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। मजदूरों का आरोप है कि घटना के बाद प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण गुस्सा भड़क गया और प्लांट परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
घटना के बाद प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर इकट्ठा हो गए। गुस्साए मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया और कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी की। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। मौके पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया ताकि हालात नियंत्रण में रह सकें।
देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद हुई मजदूर की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लांट में कार्यरत मजदूर लल्लन सिंह की शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत खराब हो गई थी। साथी मजदूरों ने बताया कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही मजदूरों में गहरा आक्रोश फैल गया।
बताया जा रहा है कि मृतक मजदूर मूल रूप से झारखंड के गढ़वा जिले का निवासी था और लंबे समय से यहां मजदूरी कर रहा था। रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों से आने वाले ऐसे हजारों मजदूर इन औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं, जहां अक्सर उनके कामकाजी हालात और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं।
साथियों ने प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका आरोप है कि यदि समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलती तो शायद मजदूर की जान बच सकती थी। हालांकि इस संबंध में प्लांट प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इसी नाराजगी के चलते मजदूरों ने शनिवार सुबह प्लांट परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।







