पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में पारा 45 डिग्री के पार, अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील
नई दिल्ली/ग्वालियर-भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश के एक बड़े हिस्से के लिए भीषण गर्मी और ‘लू’ (Heatwave) की गंभीर चेतावनी जारी की है। अप्रैल का महीना अभी आधा ही बीता है, लेकिन उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में गर्मी का यह प्रकोप और भी विकराल रूप ले सकता है।
IPL 2026 चिन्नास्वामी में दिल्ली का ‘कैपिटल’ धमाका, बेंगलुरु को 6 विकेट से दी करारी शिकस्त
इन राज्यों में ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट जारी
IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में लू का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा के कुछ हिस्सों में पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश के सिंगरौली और ग्वालियर अंचल में भी तापमान 44 डिग्री के स्तर को छू रहा है। बंगाल और बिहार के कुछ जिलों में भी गर्म हवाओं (Loo) के चलने का सिलसिला शुरू हो गया है।
वैश्विक रैंकिंग में बदलाव-भारत अब दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन फिर निकला आगे
क्या कहते हैं आंकड़े?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और एल नीनो के प्रभाव के चलते साल 2026 में गर्मी के सीजन की शुरुआत सामान्य से काफी पहले और तीव्र हुई है। सांख्यिकीय डेटा बताता है कि पिछले 5 वर्षों की तुलना में इस साल अप्रैल में ‘हीटवेव डेज’ की संख्या में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुष्क हवाओं के कारण रात के तापमान में भी भारी गिरावट नहीं देखी जा रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की सलाह और बचाव के उपाय
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है:
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक- अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
हाइड्रेशन- पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी और लस्सी का सेवन करें।
पहनावा- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय नहीं होता, तब तक राहत मिलने की संभावना कम है।







