निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता ने पेश किए चौथी तिमाही के आंकड़े, शुद्ध लाभ में 9% की वार्षिक वृद्धि दर्ज
मुंबई-भारतीय बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी और निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, HDFC Bank ने शनिवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय परिणामों की घोषणा कर दी है। बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में बैंक का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक रहा है, जिससे शेयरधारकों और निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
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मुनाफे और आय का गणित
बैंक ने बताया कि उसका शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 9% बढ़कर ₹19,221 करोड़ हो गया है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹17,622 करोड़ के करीब था। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी शानदार बढ़त देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय के बाद परिचालन अब पूरी तरह पटरी पर आ चुका है।
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शेयरधारकों के लिए लाभांश का उपहार
शानदार नतीजों के साथ-साथ बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने निवेशकों को खुश करते हुए ₹13 प्रति शेयर के अंतिम लाभांश (Dividend) की सिफारिश की है। यह लाभांश बैंक की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। डिविडेंड के इस ऐलान से सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर बैंकिंग इंडेक्स में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
संपत्ति की गुणवत्ता और अन्य बैंकों का प्रदर्शन
संपत्ति की गुणवत्ता (Asset Quality) के मोर्चे पर भी बैंक ने राहत दी है। बैंक का ‘ग्रॉस एनपीए’ (Gross NPA) स्थिर बना हुआ है, जो ऋण प्रबंधन की मजबूती को दर्शाता है। इसी के साथ, बाजार की नजरें ICICI बैंक और यस बैंक पर भी टिकी हुई हैं। ICICI बैंक ने भी अपनी क्रेडिट ग्रोथ में सुधार की रिपोर्ट दी है, जबकि यस बैंक के रिकवरी डेटा ने विश्लेषकों को चौंकाया है।आर्थिक जानकारों का मानना है कि HDFC बैंक के ये नतीजे न केवल बैंक के लिए, बल्कि पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत हैं, क्योंकि बैंकिंग सेक्टर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।






