भोपाल/सिंगरौली। मध्यप्रदेश में अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और ‘लू’ (Heatwave) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
अगले 48 घंटे चुनौतीपूर्ण: इन जिलों में ‘येलो अलर्ट’
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और सिंगरौली सहित कुल 13 जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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तापमान के आंकड़े और मौजूदा स्थिति
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहाँ अधिकतम तापमान 41.2°C तक पहुँच गया। वहीं, मालवा और निमाड़ अंचल के अन्य जिलों में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। सिंगरौली और विंध्य क्षेत्र में भी गर्म हवाओं (लूह) के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अप्रैल के इस दूसरे पखवाड़े में गर्मी का स्तर और बढ़ेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में पारा 45°C के आंकड़े को छू सकता है। राजस्थान से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं ने मध्यप्रदेश के मैदानी इलाकों को तपाना शुरू कर दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- हाइड्रेशन: दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी और छाछ का सेवन करें।
- पहनावा: बाहर निकलते समय सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर को टोपी या गमछे से ढंककर रखें।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे सीधी होती हैं, तब भारी श्रम वाले कार्यों से बचें।
खेती पर प्रभाव
अचानक बढ़ी इस तपन का असर रबी की फसलों की कटाई और भंडारण पर भी पड़ रहा है। कृषि जानकारों के अनुसार, तेज गर्मी के कारण खेतों में काम करने वाले मजदूरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, साथ ही दलहन की फसलों में नमी की कमी देखी जा रही है।
मध्यप्रदेश में इस साल गर्मी समय से पहले अपने चरम पर पहुँचती दिख रही है। यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले दिनों में प्रशासन को स्कूलों के समय में बदलाव और पेयजल आपूर्ति को लेकर कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। फिलहाल, मौसम विभाग की सलाह है कि ‘सतर्क रहें और सुरक्षित रहें’।







