जबलपुर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ, जबलपुर ने न्यायिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कल, 30 अप्रैल 2026 के लिए एक विशेष बेंच प्रोग्राम और नए रोस्टर की घोषणा की है। प्रशासनिक अधिसूचना के अनुसार, कुछ माननीय न्यायाधीशों की अनुपलब्धता के कारण नियमित सुनवाई की व्यवस्था में यह अस्थायी बदलाव किया गया है।
जजों की अनुपलब्धता और विशेष बेंचों की आवश्यकता
हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, मुख्य पीठ के कुछ वरिष्ठ न्यायाधीश व्यक्तिगत कारणों या आधिकारिक दौरों के चलते कल सुनवाई के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और आवश्यक याचिकाओं पर समय पर सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर विशेष बेंचों (Special Benches) का निर्धारण आज शाम तक पूरा कर लिया गया।
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इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन मामलों में अंतरिम राहत (Interim Relief) या तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है, वे जज की अनुपलब्धता के कारण प्रभावित न हों।
इंदौर बेंच में कोर्ट रूम का अस्थायी आवंटन
जबलपुर मुख्य पीठ के साथ-साथ इंदौर खंडपीठ में भी प्रशासनिक फेरबदल की सूचना है। अधिसूचना के अनुसार:
- इंदौर बेंच के कोर्ट रूम नंबर 07 और 12 का कल के लिए अस्थायी आवंटन किया गया है।
- इन कोर्ट रूम में बैठने वाले न्यायाधीशों के रोस्टर में बदलाव किया गया है ताकि विशेष प्रकरणों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर हो सके।
- वकीलों और पक्षकारों को सलाह दी गई है कि वे कल की ‘कॉज लिस्ट’ (Cause List) को ध्यानपूर्वक देख लें ताकि उन्हें कोर्ट रूम की स्थिति का सटीक पता चल सके।
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क्या होगा पक्षकारों पर असर?
आमतौर पर जब विशेष बेंचों का गठन होता है, तो नियमित सुनवाई वाले कुछ मामले आगे बढ़ा दिए जाते हैं। हालांकि, जमानत (Bail), स्टे आर्डर (Stay Order) और अन्य महत्वपूर्ण रिट याचिकाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
सांख्यिकीय डेटा और आंकड़े:
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, मुख्य पीठ और दोनों खंडपीठों (इंदौर व ग्वालियर) में हजारों मामले लंबित हैं। इस तरह के प्रशासनिक बदलावों के माध्यम से न्यायालय एक दिन में औसतन 200 से 300 मामलों की अतिरिक्त सुनवाई करने का लक्ष्य रखता है, जो जजों के अवकाश पर होने के बावजूद संभव हो पाता है।
हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने सभी संबंधित अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील की है ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। कल की सुनवाई के लिए अंतिम ‘कॉज लिस्ट’ हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।







