दिल्ली के लुटियंस जोन में आज सुबह से ही भारी गहमागहमी देखने को मिली। NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की महिला सांसदों और सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में ‘संविधान संशोधन विधेयक’ के पारित न होने के विरोध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि दिल्ली पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ‘वाटर कैनन’ (पानी की बौछार) का सहारा लेना पड़ा।
क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि विपक्ष और विशेष रूप से राहुल गांधी, संसद में महत्वपूर्ण संवैधानिक सुधारों की राह में रोड़ा अटका रहे हैं। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र वह ‘संविधान संशोधन विधेयक’ है, जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबे समय से तकरार चल रही है। NDA की महिला नेताओं का कहना है कि यह विधेयक महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए जरूरी है, जिसे विपक्ष जानबूझकर लटका रहा है।
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मौके के हालात: बैरिकेडिंग और पुलिसिया कार्रवाई
प्रदर्शनकारी सुबह 11:00 बजे के करीब सुनहरी बाग रोड और अकबर रोड की ओर बढ़ने लगे। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और तीन स्तर की बैरिकेडिंग की थी। जब प्रदर्शनकारियों ने अंतिम घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने पहले चेतावनी दी और फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
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सियासी वार-पलटवार
- NDA का पक्ष: महिला सांसदों ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी संविधान बचाने की बात करते हैं, लेकिन जब संसद में सुधार की बात आती है, तो वे भाग खड़े होते हैं।”
- विपक्ष की प्रतिक्रिया: दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे ‘ध्यान भटकाने की राजनीति’ करार दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थानों और नियमों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
आंकड़ों में दिल्ली की सुरक्षा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन के मद्देनजर लगभग 1,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महिला टुकड़ियां भी शामिल थीं। लुटियंस दिल्ली के कम से कम 4 प्रमुख रास्तों को दोपहर 3 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया था।







