भोपाल/सीहोर। मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के तहत आज एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से योजना की 35वीं किस्त जारी कर दी है।
इस बार राज्य सरकार ने लाभार्थियों के खातों में 1250 रुपये के स्थान पर 1500 रुपये की राशि हस्तांतरित की है, जो महंगाई के इस दौर में महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनकर आई है।
आंकड़ों में योजना का प्रभाव
इस किस्त के माध्यम से प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1875 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से अब तक 35 किस्तों के जरिए कुल 55,875 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदेश की महिलाओं के सशक्तिकरण पर खर्च की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री का संबोधन: “बहनों का सम्मान, हमारी प्राथमिकता”
आष्टा में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लाड़ली बहना योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की करोड़ों बहनों के आत्मसम्मान की रक्षा का संकल्प है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह तक ले जाने का लक्ष्य है।
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भुगतान नहीं मिलने पर क्या करें?
यदि आप इस योजना की पात्र लाभार्थी हैं और आपके मोबाइल पर राशि क्रेडिट होने का मैसेज प्राप्त नहीं हुआ है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकती हैं:
- आधिकारिक पोर्टल: लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें।
- e-KYC की जांच: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी सक्रिय (Active) है।
- समग्र आईडी: अपनी समग्र आईडी के माध्यम से पोर्टल पर अपनी पात्रता की जांच करें।
योजना के बारे में मुख्य जानकारी
| विवरण | विवरण जानकारी |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना |
| किस्त संख्या | 35वीं किस्त (अप्रैल 2026) |
| लाभार्थी संख्या | लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं |
| भुगतान राशि | ₹1500 प्रति लाभार्थी |
| भुगतान का तरीका | DBT (सीधे बैंक खाते में) |
सरकार ने उन महिलाओं से भी अपील की है जिनकी पात्रता में कोई तकनीकी समस्या आई है, वे अपने स्थानीय ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में संपर्क कर सुधार करवाएं ताकि अगली किस्त में कोई बाधा न आए।







