भारतीय संगीत जगत को आज एक बड़ा झटका लगा है। दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रविवार, 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें अत्यधिक थकान और छाती में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के चलते उनका निधन हो गया।
8 दशकों का शानदार करियर
आशा भोसले का करियर करीब 80 वर्षों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी।उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली सहित कई भाषाओं में गाने गाए और हर शैली,ग़ज़ल, पॉप, फिल्मी गीत, शास्त्रीय संगीत में अपनी अलग पहचान बनाई।उनके नाम सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है, जो उनकी लोकप्रियता और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
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उपलब्धियां और विरासत
आशा भोसले को भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वे भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग की सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक मानी जाती थीं।उनके गीत आज भी नई पीढ़ी के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने समय में थे। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को जोड़ा और संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
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🇮🇳 देशभर में शोक, राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार
उनके निधन के बाद देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। कई नेताओं और कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ करने का निर्णय लिया है।परिवार के अनुसार, अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के लिए रखा जाएगा और अंतिम संस्कार मुंबई में किया जाएगा।
एक युग का अंत
आशा भोसले का निधन केवल एक कलाकार की विदाई नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक पूरे युग का अंत है। उनकी आवाज हमेशा उनके गीतों के माध्यम से जीवित रहेगी।उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और यही एक सच्चे कलाकार की पहचान होती है।







